Wednesday, May 22, 2024
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Rajat Sharma's Blog | चुनाव बॉन्ड पर मोदी ने विपक्ष के आरोपों का कैसे जवाब दिया

पीएम मोदी ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड का जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, वे भविष्य में पछताएंगे क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले पैसे में पारदर्शिता लाने हेतु अच्छी नीयत से बनाई गई थी।

Written By: Rajat Sharma @RajatSharmaLive
Published on: April 16, 2024 16:19 IST
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Image Source : INDIA TV इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स को लेकर एक बड़ा खुलासा किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड्स से चंदा देने वाली 3 हजार कंपनियों में से सिर्फ 26 कंपनियां ऐसी हैं जिनके खिलाफ ED या CBI ने कोई कार्रवाई की। मोदी ने ये बात इस आरोप के जवाब में कही कि कंपनियों पर ED और CBI का दबाव डालकर बीजेपी ने उनसे चंदा लिया। आरोप ये भी है कि कई कंपनियां ऐसी हैं जिनके खिलाफ ED ने कार्रवाई की और उसके बाद उन्होंने बीजेपी को इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए पैसा दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सिर्फ 16 कंपनियां ऐसी हैं जिनके खिलाफ ED की कार्रवाई होने के बाद उन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे लेकिन इन कंपनियों के इलेक्टोरल बॉन्ड में से विरोधी दलों को 63 प्रतिशत चंदे मिले और बीजेपी को सिर्फ 37 प्रतिशत चंदे मिले। मोदी ने ये मिसाल देते हुए समझाया कि इलेक्टोरल बॉन्ड के लिए ED और CBI के इस्तेमाल का आरोप बेबुनियाद हैं। मोदी ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड का जो लोग आज विरोध कर रहे हैं, वे भविष्य में पछताएंगे क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले पैसे में पारदर्शिता लाने हेतु अच्छी नीयत से बनाई गई थी। मोदी ने कहा कि अगर इलेक्टोरल बॉन्ड न होते तो आज कैसे पता लगता कि किसने कितना पैसा किसको दिया है?

मोदी ED, CBI के राजनीतिक इस्तेमाल पर भी पहली बार बोले। उन्होंने कहा कि ED ने पिछले 10 साल में जितने केस दर्ज किए हैं, उनमें सिर्फ 3 प्रतिशत ऐसे हैं, जो राजनीतिक लोगों के खिलाफ हैं। बाकी के 97 प्रतिशतक केस आर्थिक अपराधियों के खिलाफ हैं, जैसे तस्कर, ड्रग माफिया, बेनामी संपत्ति वाले अफसर। इसीलिए ED और CBI का राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेजा इस्तेमाल का इल्जाम भी बेमानी है। मोदी ने कहा कि जो लोग ED, CBI या चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को मुद्दा बना रहे हैं, असल में उन्हें पता है कि उनकी हार तय है, इसलिए अभी से बहाने खोज रहे हैं। मोदी ने उन सारे मुद्दों पर खुल कर साफ-साफ बात की, जिनके बारे में देश के लोग जानना चाहते हैं, जैसे इलेक्टोरल बॉन्ड, ED, CBI के सियासी इस्तेमाल के इल्जाम, टैक्स पेयर्स के लिए मोदी का प्लान, चुनाव के दौरान सनातन और हिन्दुत्व का राजनीतिकरण, राम मंदिर मुद्दा और मोदी की भावी योजनाएं। मोदी की ये बात तो सही है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर काले धन का इल्तेमाल होता है जिसे रोकना जरूरी है। चुनाव आयोग ने सोमवार को ही खुलासा किया है कि एक मार्च के बाद अब तक 4650 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है, करीब सौ करोड़ रुपये का कैश हर रोज बरामद किया जा रहा है।

विरोधी दलों के लिए चुनाव में दूसरा बड़ा मुद्दा है, ED, CBI की कार्रवाई। विरोधी दलों का इल्जाम है कि ED और CBI का इस्तेमाल विरोधियों को डराने के लिए, चुनाव प्रचार से दूर रखने के लिए किया जा रहा है। इस पर मोदी ने लंबा जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली बात तो ये है कि जिन कानूनों के तहत कार्रवाई हे रही है, वे उनकी सरकार ने नहीं बनाए हैं। दूसरी बात ED ने जितने केस दर्ज किए हैं, उनमें से सिर्फ तीन परसेंट नेताओं या राजनीतिक पार्टियों से जुड़े लोगों के खिलाफ हैं। और तीसरी बात कांग्रेस के कार्यकाल में ED ने सिर्फ 34 लाख रुपये कैश बरामद किए थे जबकि पिछले 10 सालों में ED 2200 करोड़ से ज्यादा का नकद जब्त कर चुकी है। मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार देश के लिए घातक है, इसलिए भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी शिद्दत के साथ जंग जारी रहेगी। मोदी का इंटरव्यू प्रसारित होने के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जवाब दिया। राहुल ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड दुनिया का सबसे बड़ा वसूली रैकेट है और मोदी  इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए वसूली के मास्टरमाइंड हैं। राहुल ने कहा कि मोदी की चोरी पकड़ी गई है इसीलिए उन्हें सफाई देनी पड़ रही है। आरोप-प्रत्यारोप अलग बात है, लेकिन ये सही है कि मोदी ने जो इंटरव्यू दिया उसमें उन्होंने अपने 10 साल के काम गिनाए, आने वाले 25 साल का विज़न बताया और ये भी बताया कि तीसरी बार सरकार बनने के बाद पहले 100 दिन में वो क्या करेंगे, इसका प्लान उन्होंने तैयार कर लिया है। इससे आने वाले चुनाव में मोदी की जीत का विश्वास झलकता है।

विरोधी दलों का सबसे बड़ा आरोप है कि इस चुनाव में लेवल प्लेइंग फील्ड नहीं हैं, मोदी ने CBI और ED का इस्तेमाल करके विरोधी दलों को डराया, कई नेताओं को जेल में डाल दिया और कई को अपनी पार्टियां छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। मोदी ने इन सारे सवालों के जवाब दिये। चुनाव के मौके पर विरोधी दलों का एक बड़ा इल्जाम ये भी है कि उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे की कमी है क्योंकि सरकार ने उन्हें चंदा देने वालों को दबाकर रखा है। विरोधी दल कहते हैं कि ED और CBI से डराकर कंपनियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए बीजेपी को चंदा देने के लिए दबाव डाला गया। मोदी ने आंकड़ों के साथ इसका जवाब दिया। उन्होंने दावा किया कि ED और CBI का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप बेबुनियाद है। मोदी ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला, सनातन का अपमान करने के लिए कांग्रेस को निशाना बनाया। मोदी ने कहा कि DMK की मजबूरी समझ में आती है लेकिन कांग्रेस अपनी संस्कृति को कैसे भूल गई? नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर और प्राण प्रतिष्ठा समारोह की भी बात की और उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस ने हमेशा इस बात की कोशिश कि राम मंदिर ना बन पाए। ज़ाहिर है, आस्था के मुद्दे पर कांग्रेस इस समय कमजोर पिच पर है। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 15 अप्रैल, 2024 का पूरा एपिसोड

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