Maharashtra Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी में दरार दिखने लगी है। शरद पवार की पार्टी NCPSP, महाविकास अघाड़ी के बाकी 2 दलों- शिवसेना UBT और कांग्रेस से दूरी बनाती नजर आने लगी है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तरफ उद्धव ठाकरे खुद शिवसेना UBT के लिए राज्यसभा की सीट पर सीधे कांग्रेस समझौता करने की कोशिश में जुटे हैं तो वहीं दूसरी तरफ, शरद गुट, महाराष्ट्र के बजट सत्र से पहले MVA की मीटिंग में नहीं शामिल हुआ। इससे कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या महाविकास अघाड़ी में सबकुछ ठीक नहीं है।
दरअसल, उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना UBT 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में अपना कैंडिडेट उतरना चाहती है। दूसरी तरफ, शरद पवार भी राज्यसभा सीट के लिए इच्छा जता चुके हैं। लेकिन मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में MVA के खाते में महज एक राज्यसभा सीट ही जा सकती है, अगर क्रॉस वोटिंग नहीं हुई तो ऐसा आसानी से हो जाएगा। इस बीच, शरद पवार की मर्जी के बावजूद शिवसेना UBT ने विधायकों की संख्या का हवाला देकर MVA में राज्यसभा सीट पर दावा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, उद्धव ठाकरे हर हाल में अपनी पार्टी शिवसेना UBT के प्रत्याशी को राज्यसभा में भेजना चाहते हैं, इसलिए वे महाविकास अघाड़ी में राज्यसभा चुनाव के लिए हो रही वार्ता में शरद पवार के दल NCPSP को अलग रखते हुए सीधे कांग्रेस से चर्चा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे खुद कांग्रेस आलाकमान के साथ बातचीत कर रहे हैं।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में राज्यसभा की 7 सीटों के लिए 16 मार्च को वोटिंग होगी। महाराष्ट्र में आंकड़ों का गणित समझें तो यहां राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 मतों की जरूरत है। महाविकास आघाड़ी के पास कुल मिलाकर 46 विधायक हैं। अगर सिर्फ एक राज्यसभा उम्मीदवार के लिए सभी मिलकर वोट करेंगे तो MVA का एक उम्मीदवार जीत जाएगा लेकिन अगर तीनों दल मिलकर नहीं चले तो परिणाम कुछ और भी हो सकता है।
अभी UBT के पास MVA में सबसे ज्यादा 20, फिर कांग्रेस के पास 16 और NCPSP के 10 विधायक हैं। राज्यसभा सीट के लिए जरूरी 37 वोट UBT और कांग्रेस के मिलाकर नहीं हो रहे हैं। अगर उद्धव सेना को राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार जिताना है तो उन्हें अपने, कांग्रेस के विधायकों और एक अन्य विधायक की जरूरत भी पड़ेगी।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस राज्यसभा चुनाव में शिवसेना UBT का साथ देने के बदले में आने वाले विधान परिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे के सपोर्ट की मांग कर रही है। अब ये देखने वाली बात होगी कि क्या शिवसेना UBT और कांग्रेस में समझौता हो पाएगा। और राज्यसभा सीट के लिए जरूरी 37वां वोट वे कहां से लाएंगे।
जान लें कि महाराष्ट्र के बजट सत्र के पहले आज MVA की बैठक बुलाई गई थी ताकि सरकार के खिलाफ रणनीति बनाई जा सके। इस बैठक की जानकारी शरद गुट को भी दी गई थी। लेकिन NCPSP के नेता इस बैठक में नहीं आए। बैठक के दौरान, MVA के नेताओं ने जितेंद्र अव्हाड को फोन भी किया गया था लेकिन जितेंद्र अव्हाड ने कहा कि वो कार्यक्रम में व्यस्त हैं।
गौरतलब है कि जयंत पाटिल ने एक दिन पहले MVA को भरोसा दिया था कि उनके पार्टी के नेता बैठक में मौजूद रहेंगे लेकिन कोई भी बैठक में नहीं आया। उधर, शिवसेना UBT और कांग्रेस की तरफ से सफाई दी गई है कि जयंत पाटिल से बात हुई थी वो मुंबई के बाहर थे इसलिए नहीं आए। जितेंद्र अव्हाड एक कार्यक्रम में व्यस्त थे इसलिए वक्त पर नहीं पहुंच पाए।
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