ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से बात करने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन दूसरी तरफ वे ईरान को धमकी भी दे रहे हैं। तो वहीं के ईरान के सुप्रीम लीडर मोज्तबा खामेनेई का बड़ा बयान सामने आया है। मुज्तबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के 'बेगुनाह खून' का बदला लेने की कसम खाई है। अपने पिता और पूर्ववर्ती सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के बाद अपने पहले संदेश में, सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने सरकारी मीडिया पर जारी एक लिखित बयान में कहा कि "बदला लेना हमारे देश की मांग है और इसे निश्चित रूप से पूरा किया जाना चाहिए।"

कब हुई थी पूर्व सुप्रीम लीडर की हत्या
खामेनेई ने उन लाखों लोगों का आभार व्यक्त किया जो उनके पिता के अंतिम संस्कार में "दुश्मन को पस्त करने वाली और ऐतिहासिक उपस्थिति" के साथ शामिल हुए थे। उनके पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को ईरान युद्ध की शुरुआत में ही हुए एक हवाई हमले में मौत हो गई। ईरान ने कई दिनों तक चले अंतिम संस्कार समारोह के बाद, जिसमें उनके शव को ईरान और इराक के कई शहरों में ले जाया गया था, इस हफ़्ते दफ़ना दिया गया।
तनाव कम करने की हो रही कोशिश
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची, होर्मुज़ (Strait of Hormuz) को लेकर चल रही बातचीत के सिलसिले में ओमान पहुंचे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ फ़ोन पर बातचीत में "MoU के तहत किए गए वादों को निभाने के महत्व" पर ज़ोर दिया है।
ट्रंप की धमकी, अराघची ने दी चेतावनी
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान ने उनकी हत्या करने की कोशिश की, तो अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान पर 1,000 मिसाइलें दागने के लिए तैयार हैं और इसके बाद हज़ारों और मिसाइलें दागी जाएंगी।
- उनकी इस धमकी पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अंतरिम समझौते का पालन नहीं करने पर अमेरिका की आलोचना की और चेतावनी दी कि प्रशासन के कदम तय किए गए वादों का साफ़ उल्लंघन दिखाते हैं।
24 घंटे से भी कम समय में क्षतिग्रस्त पुल को ईरान ने ठीक किया
ईरान की रेडियो और टेलीविज़न समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि गोलेस्तान प्रांत के अक्काला काउंटी में स्थित वह पुल, जो पहले अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया था, अब फिर से चालू हो गया है। गोलेस्तान के गवर्नर अली-असगर तहमास्बी ने कहा कि हमले के 24 घंटे से भी कम समय में क्षतिग्रस्त पुल का फिर से खुलना "दुश्मनों की धमकियों और हरकतों का प्रांत की ओर से एक व्यावहारिक जवाब है"।
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