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Gold ETF पर निवेशक फिदा! जनवरी में ₹24,040 करोड़ पर पहुंचा, जानें इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के मुकाबले कहां?

 Edited By: Sourabha Suman
 Published : Feb 10, 2026 05:21 pm IST,  Updated : Feb 10, 2026 05:21 pm IST

गोल्ड ईटीएफ में निवेश का आंकड़ा पहली बार इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को पीछे छोड़ दिया। जनवरी में सोने की कीमतें ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के टॉप लेवल तक चली गई थीं।

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जानकारों का कहना है कि मजबूत निवेश प्रवाह दर्शाता है कि सोना अब तेजी से एक प्रमुख वित्तीय निवेश विकल्प बन चुका है। Image Source : FREEPIK

जनवरी 2026 में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में निवेशकों का जोश जोरदार रहा। इस महीने गोल्ड ईटीएफ में ₹24,040 करोड़ का शुद्ध निवेश हुआ, जो दिसंबर के ₹11,647 करोड़ के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बढ़ने और सोने की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशक इस सुरक्षित निवेश की ओर तेजी से आकर्षित हुए। खास बात यह है कि पहली बार गोल्ड ईटीएफ में निवेश का आंकड़ा इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को थोड़ा पीछे छोड़ गया। 

रिकॉर्ड निवेश का मुख्य कारण

जनवरी में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹24,028.6 करोड़ का निवेश दर्ज हुआ, जबकि गोल्ड ईटीएफ थोड़ा आगे निकल गया। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया यानी AMFI के ताजा आंकड़ों से सामने आई है। द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड के सीआईओ (डेब्ट) उमेश शर्मा के अनुसार, पिछले एक साल में सोने और चांदी का अन्य एसेट क्लासेस से बेहतर प्रदर्शन ही जनवरी में रिकॉर्ड निवेश का मुख्य कारण रहा।

सोना अब एक प्रमुख वित्तीय निवेश विकल्प

ग्रो म्यूचुअल फंड के सीईओ वरुण गुप्ता ने कहा कि इतना मजबूत निवेश प्रवाह दर्शाता है कि सोना अब तेजी से एक प्रमुख वित्तीय निवेश विकल्प बन चुका है। निवेशक इसे अब सिर्फ हेज या रणनीतिक एसेट नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रहे हैं। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के सीनियर एनालिस्ट नेहल मेश्राम के मुताबिक, सुरक्षित निवेश और पोर्टफोलियो विविधीकरण के लिए सोने की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। 

साल की शुरुआत में निवेशक अक्सर पोर्टफोलियो री-बैलेंसिंग करते हैं और अस्थिर बाजारों में हेजिंग के लिए गोल्ड ETF चुनते हैं। साथ ही, गोल्ड ईटीएफ की कम लागत, हाई लिक्विडिटी और आसान उपलब्धता इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है।

चालू वित्त वर्ष में गोल्ड ईटीएफ में कुल निवेश 

इस नए निवेश के साथ चालू वित्त वर्ष में गोल्ड ईटीएफ में कुल निवेश ₹61,000 करोड़ के करीब पहुंच गया है। सोने-चांदी दोनों ईटीएफ की मांग में इजाफा हुआ है, क्योंकि निवेशक कीमती धातुओं के जरिए विविधीकरण की तलाश में हैं। हालांकि, आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC के एमडी और सीईओ ए बालासुब्रमण्यम का मानना है कि लंबी अवधि में संपत्ति सृजन के लिए इक्विटी अभी भी निवेशकों की प्रमुख पसंद बनी हुई है। 

सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर

जनवरी में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचीं, जहां यह ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास छू गया। लगातार निवेश के कारण जनवरी के अंत तक गोल्ड ईटीएफ का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर ₹1.84 लाख करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹1.28 लाख करोड़ था। एम्फी के सीईओ वेंकट एन चालासानी ने कहा कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में संतुलित निवेश यह संकेत देता है कि निवेशक अब विविधीकरण और पोर्टफोलियो स्थिरता पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

अन्य ईटीएफ कैटेगरी में भी बढ़ा निवेश

गोल्ड ETF के अलावा अन्य ईटीएफ कैटेगरी (जैसे थीमैटिक और इंडेक्स आधारित) में भी निवेश बढ़ा। जनवरी में इनमें ₹15,006 करोड़ का निवेश आया, जबकि दिसंबर में यह ₹13,199 करोड़ था।कुल मिलाकर, जनवरी का डेटा दिखाता है कि निवेशक बाजार की अनिश्चितताओं के बीच सोने को मजबूत सुरक्षित विकल्प के रूप में देख रहे हैं, और यह ट्रेंड भविष्य में भी जारी रह सकता है।

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