जर्मनी में चल रहे म्यूनिख शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय संघ ने अमेरिका की उन धारणाओं को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें वह ईयू को कमजोर बताने की कोशिश कर रहा था।
यूरोपीय देश अभी तक भारतीय कपड़ों के निर्यात पर 9 प्रतिशत से लेकर 12 प्रतिशत तक की ड्यूटी लगाते हैं। एफटीए लागू होने के बाद भारतीय कपड़े के निर्यात पर ये ड्यूटी घटकर शून्य हो जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित फैसलों और टैरिफ कार्रवाइयों से उसके सहयोगी देश भी अब अमेरिका का दामन छोड़ने लगे हैं। इससै वैश्विक व्यवस्था तेजी से बदलाव की ओर अग्रसर हो रही है।
भारत ने FTA की बातचीत में EU को जिन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की इम्पोर्ट ड्यूटी में छूट नहीं दी, उनमें डेयरी, चावल, गेहूं, दालें, चाय, कॉफी और जेनेटिकली मॉडिफाइड उत्पाद जैसे संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने वैश्विक व्यापार के समीकरण बदल दिए हैं। इस समझौते के ऐलान के साथ ही जहां भारतीय उद्योगों में उत्साह की लहर दौड़ गई है, वहीं बांग्लादेश और तुर्की जैसे देशों की चिंता साफ नजर आने लगी है।
भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 'मदर ऑफ ऑल डील' यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बातचीत हुई है। राज्यवार देखिए किस राज्य से क्या स्पेशल प्रोजेक्ट यूरोप में एक्सपोर्ट किया जाएगा।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बढ़ते कदम देश के निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। 27 देशों वाले यूरोपीय समूह द्वारा आयात शुल्क में दी गई रियायतों से भारतीय उत्पाद यूरोप में ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के सम्मान में भोज दिया।
समझौते के तहत, यूरोप से आने वाली महंगी वाइन पर वसूला जाने वाला टैक्स अगले 7 सालों में 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा।
भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए के तहत यूरोप से इंपोर्ट होने वाली लग्जरी गाड़ियों पर वसूला जाने वाला सीमा शुल्क यानी कस्टम ड्यूटी 110 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 10 प्रतिशत रह जाएगा।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए इस ऐतिहासिक एफटीए को लेकर जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत परिधान, रसायन और जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के इस समूह में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा।
भारत और यूरोपीय देशों के संबंध नए स्तर पर जा रहे हैं। वैश्विक राजनीति में मची हलचल ने इन संबंधों को बेहद जरूरी बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों का भी इसमें बड़ा योगदान है। ये संबंध साझा हितों, मूल्यों और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की साझेदारी का है।
भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच एक अहम ट्रेड डील का ऐलान होने जा रहा है जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। इस डील से अमेरिका चिढ़ गया है। ट्रंप के मंत्री ने यूरोप को धोखेबाज तक बता दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मेजबानी करेंगे।
देश के कुल पैसेंजर कार सेगमेंट में लक्जरी कारों की हिस्सेदारी सिर्फ 1 प्रतिशत है।
यूरोपीय संघ अपने ऑटोमोबाइल और वाइन सहित मादक पेय पदार्थों के लिए शुल्क में कटौती की मांग कर रहा है।
यूरोपिय यूनियन और भारत के बीच होने जा रहा यह समझौता चार सालों में भारत का नौवां फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA होगा, जो ब्रिटेन, ओमान, न्यूजीलैंड और दूसरे देशों के साथ हुए कई समझौतों के बाद होने जा रहा है।
तेजी से बदलती वैश्विक राजनीति में भारत-यूरोप का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कितना फायदेमंद साबित हो सकता है, इस मुद्दे पर पूर्व राजनयिक दीपक वोहरा ने एक्सक्लूसिव बातचीत की और इतिहास के किस्सों से लेकर वर्तमान की सच्चाइयों को याद कराया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने अपने यूरोपीय सहयोगियों पर दावोस में बड़ा हमला बोला है। जेलेंस्की ने कहा कि यूरोप की धीमी प्रतिक्रिया के चलते यूक्रेन रूस के सामने असहाय महसूस कर रहा है।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर जिद से यूरोप के देश भी खफा हैं। अब यूरोपियन यूनियन ने संसद ने अमेरिका से साथ हुए ट्रेड डील को सस्पेंड कर दिया है।
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