1. Hindi News
  2. पश्चिम बंगाल
  3. पश्चिम बंगाल में टूट गई ममता बनर्जी की TMC, ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना गया

पश्चिम बंगाल में टूट गई ममता बनर्जी की TMC, ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना गया

 Reported By: Onkar Sarkar, Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 03, 2026 05:12 pm IST,  Updated : Jun 03, 2026 08:40 pm IST

ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में टूट हो गई है। पार्टी के एक नए गुट ने वरिष्ठ नेता ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुन लिया है। टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में अपना मत दिया।

टीएमसी में फूट।- India TV Hindi
टीएमसी में फूट। Image Source : INDIA TV

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी टूट हो गई है, जिसके बाद पार्टी के बागी गुट ने वरिष्ठ नेता ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता चुन लिया है।

दरअसल, टीएमसी के बागी धड़े की एक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में कुल 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के पक्ष में मतदान किया और उन्हें सर्वसम्मति से अपने विधायक दल का नेता चुन लिया। दावों के अनुसार, 2 अन्य विधायक भी लगातार इस नए गुट के संपर्क में बने हुए हैं, जिससे बागी गुट का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

स्पीकर से मिली आधिकारिक मान्यता

ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में आधिकारिक तौर पर मान्यता भी मिल गई है। मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा, "विधानसभा अध्यक्ष ने मुझे विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी मंजूरी दे दी है। अब मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ नेता प्रतिपक्ष के कर्तव्यों का निर्वहन करूंगा।"

चार डिप्टी लीडर नियुक्त

नए विपक्षी गुट ने चार नेताओं को डिप्टी लीडर की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें जावेद अहमद खान, सबीना यास्मीन, संदीपन साहा और सिउली साहा शामिल हैं।

ममता बनर्जी हमारी नेता हैं: ऋतब्रत बनर्जी 

ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "ममता बनर्जी हमारी नेता हैं, वह हमारी एडवाइजर रहेंगी और हमें भविष्य में भी उनका मार्गदर्शन चाहिए।" ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा के भीतर अपने गुट को ही असली टीएमसी विधायक दल बताया है। उन्होंने कहा कि यह उन 58 विधायकों की टीम है जो पार्टी के चुनाव चिन्ह (सिंबल) पर जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि दो अन्य विधायक भी जल्द ही उनके इस गुट में शामिल हो सकते हैं।

ऋतब्रत बनर्जी ने नए विधायक दल के पदाधिकारियों के नामों की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि विधानसभा में टीएमसी विधायक दल के डिप्टी लीडर के तौर पर चार वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें जावेद अहमद खान, सबीना यास्मीन, संदीपन साहा और सिउली साहा शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला, कैसे टूटी टीएमसी?

बता दें कि ऋतब्रत बनर्जी का पूरा मामला TMC के आंतरिक कलह से जुड़ा है। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब TMC ने विधानसभा में शोभनदेव चट्टोपध्याय को नेता विपक्ष (LoP) और मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) बनाने की सिफारिश की। इसके बाद यह आरोप लगे कि इस प्रस्ताव पर कई TMC विधायकों के हस्ताक्षर या तो फर्जी थे या उनकी सहमति के बिना किए गए थे।

उलुबेरिया पूर्व से TMC विधायक ऋतब्रत बनर्जी और एक अन्य विधायक संदीपन साहा ने 27 मई को विधानसभा अध्यक्ष  रथिंद्र बोस से शिकायत की कि 6 मई की बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ था और जमा किए गए दस्तावेजों पर 14 विधायकों के दस्तखत फर्जी हैं। इस शिकायत के बाद, 1 जून 2026 को TMC ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' के आरोप में प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया।

इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी ने खुलकर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दी। उनका कहना था कि उनका विरोध ममता बनर्जी से नहीं, बल्कि अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली और फैसले लेने के तरीके से है। निष्कासन के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने TMC के भीतर विद्रोह खड़ा कर दिया। उन्होंने लगभग 58-59 बागी विधायकों के समर्थन का पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा और खुद को विधानसभा में विधायक दल के नेता के तौर पर पेश किया।

ये भी पढ़ें-

टीएमसी के बागी विधायकों की लिस्ट आई सामने, कई मुस्लिम MLAs ने भी छोड़ा ममता बनर्जी का साथ

TMC में बड़ी टूट! बागियों ने स्पीकर को सौंपा 59 विधायकों के साइन वाला लेटर, ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाने की मांग

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। पश्चिम बंगाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।