1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी ये निशानियां; जानें इनकी खासियत

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी ये निशानियां; जानें इनकी खासियत

 Edited By: Vinay Trivedi
 Published : May 17, 2026 07:25 am IST,  Updated : May 17, 2026 07:27 am IST

लगभग 1000 साल पुरानी चोल काल की ऐतिहासिक निशानियों को अब आखिरकार भारत को लौटा दिया गया है। PM मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान वापस किए गए इन शिलालेखों को विरासत सम्मान और सांस्कृतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

Chola copper plates returned- India TV Hindi
नीदरलैंड ने भारत को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी धरोहर। Image Source : NARENDRA MODI/X

पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए शनिवार का दिन यादगार रहा, जब नीदरलैंड सरकार ने चोल काल के तांबे के शिलालेखों को भारत को लौटा दिया। ये शिलालेख 11वीं शताब्दी के हैं, जिसे डच ईस्ट इंडिया कंपनी लूटकर नीदरलैंड ले गई थी। इन सांस्कृतिक आकृतियों की वापसी के लिए भारत लंबे वक्त से राजनयिक प्रयास कर रहा था। फिलहाल, अब नीदरलैंड ने दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत बनाने की कोशिशों के तहत चोल काल के थालों को वापस कर दिया है।

शिलालेख लौटाने पर PM मोदी ने की नीदरलैंड की तारीफ

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन की उपस्थिति में हुए समारोह में पीएम मोदी ने इसे हर भारतीय के लिए खुशी का पल बताया। इसको लेकर PM मोदी ने अपने X पोस्ट में तमिल भाषा में लिखा, 'सभी भारतीयों के लिए खुशी का क्षण! नीदरलैंड से 11वीं शताब्दी के चोल काल के तांबे के शिलालेख भारत वापस लाए जा रहे हैं। मुझे इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मार्क रुट्टे के साथ शामिल होने का सौभाग्य मिला। चोल काल के इन तांबे के शिलालेखों में 21 बड़े और 3 छोटे शिलालेख हैं। इनमें से ज्यादा शिलालेख दुनिया की सबसे सुंदर भाषाओं में से एक, तमिल भाषा में उत्कीर्ण हैं।'

नीदरलैंड ने 19वीं सदी के मध्य से इन शिलालेखों को किया संरक्षित

उन्होंने आगे लिखा, 'अपने ये शिलालेख सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम को उनके पिता राजाराजा चोल प्रथम से मौखिक तौर पर मिली प्रतिज्ञा को औपचारिक रूप देते हैं। साथ ही, ये चोलों की महिमा का बखान करते हैं। भारतीय होने के नाते, हमें चोलों की संस्कृति और नौसैनिक शक्ति पर अपार गर्व है। मैं नीदरलैंड सरकार और खासतौर पर लीडेन यूनिवर्सिटी के प्रति आभार व्यक्त करता हूं, जिसने 19वीं शताब्दी के मध्य से इन तांबे के शिलालेखों को संरक्षित रखा है।'

नीदरलैंड के साथ भारत ने किए अहम समझौते

गौरतलब है कि 5 देशों की यात्रा पर गए पीएम मोदी, अपनी यात्रा के दूसरे पड़ाव नीदरलैंड्स में पहुंचे। इस दौरान, भारत और नीदरलैंड्स के बीच निवेश, सेमीकंडक्टर, तकनीक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौते हुए। भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नीदरलैंड की सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर कंपनी एएसएमएल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक अहम MoU पर साइन किया गया। 

जान लें कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन की मौजूदगी में किया गया है। नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने भारत और नीदरलैंड्स साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी विश्वास पर जोर दिया।

ये भी पढ़ें- PM मोदी का नीदरलैंड में संबोधन, प्रवासियों को बताया कितनी तेजी से बदल रहा भारत; जानें क्या-क्या कहा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश