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CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान, "अस्पतालों की तरह 24x7 काम करे न्यायपालिका, तभी दूर होगा आम आदमी का दर्द"

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : May 17, 2026 06:46 am IST,  Updated : May 17, 2026 08:46 am IST

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायिक प्रणाली को उन अस्पतालों की तरह काम करने की जरूरत है, जो चौबीसों घंटे खुले रहते हैं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत - India TV Hindi
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत Image Source : PTI

जबलपुर: चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब न्यायपालिका को एक ऐसी प्रणाली विकसित करनी होगी, जिससे आम आदमी को तुरंत राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली को उन अस्पतालों की तरह काम करने की जरूरत है, जो चौबीसों घंटे (24x7) खुले रहते हैं, ताकि आम आदमी की पीड़ा और आकांक्षाओं का समाधान किया जा सके।

CJI सूर्यकांत मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसका विषय "फ्रेगमेंटेशन टू फ्यूजन, एम्पावरिंग जस्टिस वाया यूनाइटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन" था। इस अवसर पर उन्होंने हाई कोर्ट के नए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी शुभारंभ किया।

"समय की बर्बादी रोकने का इकलौता जरिया टेक्नोलॉजी "

मुख्य न्यायाधीश ने न्याय का दायरा बढ़ाने और उसमें तेजी लाने के लिए टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित न्यायिक ढांचे को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कहा, "भारतीय न्यायपालिका न केवल 1990 के दशक से चली आ रही तकनीकी प्रगति का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि हम आम आदमी के फायदे के लिए नवीनतम एआई (AI) डिजाइनों का उपयोग करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।" CJI ने आगे कहा कि न्यायपालिका के समय की बर्बादी को रोकने का एकमात्र प्रभावी समाधान टेक्नोलॉजी ही है।

कोरोना काल को किया याद

कोविड- 19 महामारी के दौर को याद करते हुए CJI ने कहा कि कोविड-19 के बेहद मुश्किल समय में भी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए भारतीय न्यायपालिका की वैश्विक स्तर पर सराहना की गई थी। उन्होंने बताया, "हमने अपने कोर्ट बंद नहीं किए।" संकट के उस दौर में भी टेक्नोलॉजी की मदद से ही अदालतों ने जरूरी और तत्काल मामलों की सुनवाई पूरी की थी।

पूरे देश में लागू हो एमपी हाई कोर्ट का मॉडल

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा विकसित किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सराहना करते हुए सीजेआई ने कहा कि जैसा कि केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी सुझाव दिया है, इन तकनीकी प्रणालियों को पूरे देश के स्तर पर लागू करने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो इस बात का अध्ययन कर रही है कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए न्यायिक प्रणाली में AI का उपयोग कैसे किया जा सकता है।

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