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Tapkeshwar Mahadev Mandir: केवल भक्त ही नहीं, यहां प्रकृति भी करती है शिवलिंग का जलाभिषेक, जानें टपकेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी रोचक बातें

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 03, 2026 07:20 pm IST,  Updated : Jun 03, 2026 07:20 pm IST

Tapkeshwar Mahadev Mandir: टपकेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित है। इस मंदिर में प्रकृति शिवलिंग का जलाभिषेक करती है। भोलेनाथ के इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातें आज हम आपको बताने वाले हैं।

Tapkeshwar Mahadev Mandir- India TV Hindi
टपकेश्वर महादेव मंदिर Image Source : INDIA TV

Tapkeshwar Mahadev Mandir: टपकेश्वर महादेव मंदिर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित है। टोंस नदी के किनारे स्थित यह शिव मंदिर चमत्कारों से भरा है। मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर 6000 साल पुराना है और इस मंदिर को गुरु द्रोण की तपस्थली भी कहा जाता है। इस मंदिर में स्थित शिवलिंग का जलाभिषेक प्रकृति करती है, ऐसा इसलिए कि गुफा में स्थित इस मंदिर की छत से हमेशा जल टपकता रहता है। आज हम आपको इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक और रहस्यमयी बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे है। 

टपकेश्वर महादेव में प्रकृति करती है शिवलिंग का जलाभिषेक

टपकेश्वर महादेव मंदिर में मुख्य शिवलिंग एक गुफा में स्थित है। इस गुफा को द्रोण गुफा के नाम से जाना जाता है। गुफा की छत से हमेशा जल टपकता रहता है और प्रकृति के द्वारा शिवलिंग का जलाभिषेक होता है। इसलिए महादेव के इस मंदिर को टपकेश्वर कहा जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल के दौरान गुफा की छत से शिवलिंग पर दूध टपकता था लेकिन कलयुग का प्रभाव बढ़ने के बाद दूध की बूंदें पानी में बदल गईं।

गुरु द्रोण की तपस्थली 

पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य ने टपकेश्वर महादेव मंदिर की गुफा में ही संतान प्राप्ति के लिए शिव जी की कठोर तपस्या की थी। इसलिए गुफा का नाम द्रोण गुफा दिया गया है। गुरु द्रोण के अनुरोध पर ही भगवान शिव लिंग रूप में टपकेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान हुए थे। 

महान योद्धा अश्वत्थामा का जन्म  

गुरु द्रोण के पुत्र और महाभारत काल के महान योद्धा अश्वत्थामा का जन्म भी इसी मंदिर में हुआ था। एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार जब अश्वत्थामा की माता कृपि ने उन्हें दूध देने से मना किया तो बाल अश्वत्थामा ने भगवान शिव से प्रार्थना की और शिव कृपा से गुफा में दूध की धारा बहने लगी।

यहां स्थित है स्वयंभू शिवलिंग

टपकेश्वर महादेव मंदिर में जो शिवलिंग स्थापित है वो मानव निर्मित नहीं है। यहां स्थित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ था। मुख्य शिवलिंग के साथ ही इस मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी आपको देखने को मिलती हैं। 

इस सिद्ध मंदिर में पूरी होती हैं मनोकामनाएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के इस सिद्ध मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से प्रार्थना करता है उसकी मनोकामनाओं को भगवान शिव पूरा करते हैं। यूं तो वर्ष भर लोग महादेव के इस पावन धाम में आते रहते हैं लेकिन महाशिवरात्रि के मौके पर बड़ी संख्या में यहां भक्तों का तांता लगता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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