विशाखापत्तनम के एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए चौथे T20I मुकाबले में टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के खिलाफ 50 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारत का सीरीज में दबदबा भी कमजोर पड़ गया। इस मुकाबले में कीवी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 215 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारतीय टीम लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।
भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। ओपनर अभिषेक शर्मा खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए, जो टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। नंबर तीन पर उतरे कप्तान सूर्यकुमार यादव भी लय में नजर नहीं आए और बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। लगातार गिरते विकेटों ने भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। हालांकि, बीच के औवरों में रिंकू सिंह और शिवम दुबे ने बल्ले से दम दिखाया, लेकिन कीवी गेंदबाज ज्यादा लकी रहे। दुबे की विस्फोटक बल्लेबाजी ने एक समय भारतीय खेमे में उम्मीद जगा दी थी, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई मदद नहीं मिली। नतीजतन, भारत लक्ष्य से काफी दूर रह गया।
सूर्या ने बताई हार की वजह
मैच के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने हार पर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि सिर्फ 6 बल्लेबाजों के साथ उतरना एक सोचा-समझा और चुनौतीपूर्ण फैसला था। सूर्यकुमार के अनुसार, टीम मैनेजमेंट का मकसद T20 वर्ल्ड कप 2026 को ध्यान में रखते हुए बल्लेबाजी यूनिट को परखना था।
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में सूर्यकुमार यादव ने कहा कि हमने जानबूझकर आज सिर्फ 6 बल्लेबाजों के साथ खेलने का फैसला किया। हम पांच परफेक्ट गेंदबाजों के साथ खेलना चाहते थे और खुद को चुनौती देना चाहते थे। हम यह देखना चाहते थे कि अगर 180 या 200 रन का पीछा करते हुए हम दो या तीन विकेट जल्दी गंवा दें, तो टीम की स्थिति कैसी रहती है। हमारा फोकस उन्हीं खिलाड़ियों को खिलाने पर था जो T20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम का हिस्सा हैं।
दुबे को नहीं मिला दूसरे छोर पर साथ
हार का विश्लेषण करते हुए सूर्यकुमार ने यह भी माना कि अगर दुबे के साथ कोई एक बल्लेबाज टिक जाता, तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। उन्होंने ओस का जिक्र करते हुए कहा कि परिस्थितियां बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थीं, लेकिन टीम उसका फायदा नहीं उठा पाई। सूर्यकुमार ने आगे कहा कि अगर दुबे के साथ एक-दो साझेदारियां बन जातीं, तो बड़ा फर्क पड़ सकता था। हम 50 रन से हारे, लेकिन ऐसे रन चेज में एक-दो साझेदारियां मैच पलट सकती हैं।
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