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भारत-EU सबसे बड़े FTA के करीब, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन पहुंचीं दिल्ली; गणतंत्र दिवस में होंगी चीफ गेस्ट

 Written By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Jan 24, 2026 07:00 pm IST,  Updated : Jan 24, 2026 07:00 pm IST

भारत और यूरोपीय संघ के बीच सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता होने वाला है। भारत-यूरोपीय संघ के बीच होने वाला यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा झटका होगा।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत करते केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद। - India TV Hindi
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत करते केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद। Image Source : X@MEAINDIA

नई दिल्लीः अमेरिका से टैरिफ और ट्रेड पर चल रहे तनावों के बीच भारत अब यूरोपीय संघ के साथ व्यापार की दिशा में नया इतिहास रचने के करीब है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता होने वाला है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गई हैं। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस में उन्हें मुख्य अतिथि भी बनाया गया है। इसके बाद वह भारत-ईयू फ्री ट्रेड वार्ता में शामिल होंगी। उनकी इस यात्रा को भारत पर हैवी टैरिफ लगाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

केंद्रीय मंत्री ने की आगवानी

केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की आगवानी की। यह उनकी एक महत्वपूर्ण राज्य यात्रा है, जिसके दौरान वे भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। भारत के वाणिज्य एवं उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। यह स्वागत भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सांतोस दा कोस्टा (एंटोनियो कोस्टा) भी मुख्य अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे। दोनों नेता 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत की राज्य यात्रा पर रहेंगे। 

भारत-ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते को मिलेगी गति

उर्सुला की इस यात्रा को एफटीए के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वह 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। यह यात्रा भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत को गति देने के साथ-साथ रणनीतिक, व्यापारिक और भू-राजनीतिक सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर होने वाली परेड में EU के इन शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ऐतिहासिक है, क्योंकि पहली बार EU के दोनों प्रमुख नेता एक साथ मुख्य अतिथि बन रहे हैं। इससे भारत की वैश्विक छवि और बहुपक्षीय संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। 

इन वैश्विक मुद्दों पर भी होगी चर्चा

भारत-ईयू के बीच एफटीए के अलावा उनकी इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष जलवायु परिवर्तन, डिजिटल अर्थव्यवस्था, रक्षा, प्रौद्योगिकी और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करेंगे। ट्रंप प्रशासन के टैरिफ नीतियों के बीच यह यात्रा भारत-EU के लिए "मदर ऑफ ऑल डील्स" जैसी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। भारत सरकार ने इस यात्रा को दोनों पक्षों के बीच साझा मूल्यों, लोकतंत्र, बहुपक्षवाद और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की पुष्टि बताया है। यह दौरा भारत की विदेश नीति की सफलता को दर्शाता है, जहां वह यूरोप के साथ मजबूत साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है। 

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