पंजाब के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म को लेकर बीते दो दिनों में भारी बवाल देखने को मिला। हालांकि अब स्थिति सामान्य हो रही है। इस पूरी घटना के बीच लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के डीन सौरभ लखनपाल ने इंडिया टीवी से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बीते दिनों हुए पूरे बवाल पर यूनिवर्सिटी की तरफ से क्या-क्या एक्शन लिया गया है, इसकी जानकारी दी। इसके अलावा सौरभ लखनपाल ने छात्रों और यूनिवर्सिटी के बीच चल रहे बातचीत पर भी जानकारी दी। वहीं अब तक इस मामले में क्या-क्या जांच हुई है, आउटसाइडर का क्या रोल है, इन सभी सवालों के जवाब दिए।
दुष्कर्म की अफवाह में कितनी सच्चाई?
जब उनसे पूछा गया कि अब यूनिवर्सिटी में क्या सिचुएशन है और दुष्कर्म के अफवाहों में कितनी सच्चाई है? इस पर उन्होंने कहा कि अब धीरे-धीरे कैंपस में हालात नॉर्मल हो रहे हैं। कैंपस में काफी शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है। ये घटना अफवाहों की वजह से हुई थी, जिसकी जांच की जा रही है। इस जांच में न सिर्फ एलपीयू बल्कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन की भी बराबर जिम्मेदारी है। बच्चों ने बोले कि हम सीसीटीवी फुटेज देखना चाहते हैं, चो उन्हें सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई। वो रूम पर जाना चाहते थे, तो उन्हें रूम दिखाया गया। वो एफआईआर करवाना चाहते हैं तो एफआईआर कराई गई। वो एक स्टूडेंट बॉडी बनाना चाहते थे, स्टूडेंट बॉडी बनाई गई। तो एलपीयू प्रशासन पूरा-पूरा बच्चों के ही साथ है। जैसा-जैसा वो चाह रहे हैं वैसा-वैसा हो रहा है और उसी की वजह से अब ये नॉर्मल की तरफ स्थिति जा रही है।
मामले पर यूनिवर्सिटी का क्या है स्टैंड?
सौरभ लखनपाल से पूछा गया कि इस पूरी घटना पर यूनिवर्सिटी प्रशासन का क्या स्टैंड है? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की कोई भी रिटेन कंप्लेंट किसी को नहीं मिली और इसके तथ्यों में जाने की कोशिश करते हैं तो एक रेडिट मैसेज सर्कुलेट होता है और उसके बाद उसको बिना सोचे समझे सोशल मीडिया के ऊपर स्टूडेंट्स आपस में उसको लेकर एक रूमर फैलाते हैं और उसके बाद में वो प्रोटेस्ट करते हैं। बाद में यह हिंसक हो गया और तोड़फोड़ की गई। न तो कहीं पर भी किसी भी लड़की के नाम का जिक्र है और न ही किसी लोकेशन का जिक्र है। अगर इतना बड़ा इंसिडेंट हुआ हो आपको क्या लगता है? इतना बड़ा स्टूडेंट्स का कैंपस है, इतने साल से है, इतने सिस्टम्स एंड प्लेस हैं, किसी को पता ही नहीं चला होगा? इसके बावजूद भी हम बच्चों का पूरा सपोर्ट कर रहे हैं।
क्या बाहरी लोग भी प्रदर्शन में हुए शामिल?
जब सौरभ लखनपाल से इस घटना में बाहरी लोगों के शामिल होने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये तो इन्वेस्टिगेशन में पता चलेगा। हम इस बात में बहुत स्ट्रांगली बिलीव करते हैं कि इसमें आउटसाइडर थे ही थे और हमारे जो अच्छे स्टूडेंट्स हैं वो हमारे साथ थे। उन्होंने इस चीज को बहुत क्रिटिसाइज किया है। हां, उन आउटसाइडर के साथ मिलकर कई बार मॉब का पार्ट अगर इंटरनल स्टूडेंट बने हैं, तो हम जरूर उनको आइडेंटिफाई करेंगे। पुलिस की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर सौरभ लखनपाल ने कहा कि पुलिस पहले दिन से, पहले मोमेंट से उनके साथ बनी हुई है। टॉक्स के फॉर्म में बातचीत चल रही थी। जिस हिसाब से स्टूडेंट्स चाहते हैं उसी हिसाब से इन्वेस्टिगेशन होगी। उन्होंने कहा कि हमें इस केस को इन्वेस्टिगेट करना चाहिए। पुलिस अपनी जगह पे बिल्कुल सही है।
छात्राओं के साथ कैसे समन्वय स्थापित कर रही यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी के छात्राओं में डर के माहौल को लेकर उन्होंने कहा कि वैसे तो पुलिस प्रशासन ने आज अपनी बाइट भी रिलीज कर दी है। इसमें इन्वेस्टिगेशन चल रही है। लेकिन उनको सेटिस्फाई करने के लिए एक स्टूडेंट्स की कमेटी रिप्रेजेंटेटिव्स उन्हीं में से निकाल के बनाए गए हैं। उनसे बातचीत हो रही है। वो लगातार स्टूडेंट्स को समझा रहे हैं कि क्या-क्या एक्शन यूनिवर्सिटी अथॉरिटीज ले रही है और क्या-क्या पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ले रही है। यूनिवर्सिटी के अपने वॉर्डन्स की टीम है। यूनिवर्सिटी में अपने मेंटर्स की टीम है। उनके साथ बातचीत हो रही है और स्टूडेंट्स को प्रॉपर्ली उन स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव के थ्रू सुना जा रहा है। आज भी सुना गया उनको दो दिन बाद दोबारा बुलाया जाएगा। हफ्ते बाद दोबारा बुलाया जाएगा। सबसे अच्छा रोल ही स्टूडेंट कम्युनिटी प्ले कर रही है।
कमरा नंबर 504 से जुड़ी जांच में क्या-क्या हुआ?
कमरा नंबर 504 के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज जब किए जाने को लेकर लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो सौरभ लखनपाल ने कहा कि जितने भी दिनों के लिए डाउट था स्टूडेंट्स को उतने दिनों की सीसीटीवी की फुटेज सिर्फ चेक नहीं की गई, बल्कि पुलिस को बकायदा रिकॉर्ड में हैंड ओवर भी कर दी गई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
यह भी पढ़े-