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India-EU FTA से भारत में कौन-कौन से चीजें होंगी सस्ती, यहां जानें भारत-यूरोपीय संघ एफटीए की प्रमुख बातें

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jan 27, 2026 09:39 pm IST,  Updated : Jan 27, 2026 09:39 pm IST

ऑटोमोबाइल और स्टील को छोड़कर, भारत के लगभग सभी सामानों (93 प्रतिशत से ज्यादा) को यूरोपीय संघ में जीरो-टैरिफ के साथ एंट्री मिलेगी।

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भारत का 22वां एफटीए पार्टनर बना यूरोपीय संघ Image Source : HTTPS://X.COM/MAROSSEFCOVIC

भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की। एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते के तहत परिधान, रसायन और जूते-चप्पल जैसे कई घरेलू क्षेत्रों को 27 देशों के इस समूह में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। वहीं, यूरोपीय संघ (ईयू) को कार और वाइन के लिए रियायती शुल्क पर भारतीय बाजार तक पहुंच प्राप्त होगी। दो दशकों से अधिक समय तक चली बातचीत के बाद संपन्न हुए इस समझौते को 'अबतक का सबसे बड़ा’ समझौता कहा गया है। यह लगभग दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा। यहां हम आपको भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए एफटीए की मुख्य बातें बताने जा रहे हैं।

एफटीए से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें

  • ऑटोमोबाइल और स्टील को छोड़कर, भारत के लगभग सभी सामानों (93 प्रतिशत से ज्यादा) को यूरोपीय संघ में जीरो-टैरिफ के साथ एंट्री मिलेगी। बाकी वस्तुओं के लिए भारतीय निर्यातकों को शुल्क में कटौती और कोटा-आधारित शुल्क रियायतें मिलेंगी।
  • ये समझौता देश के वैश्विक व्यापार जुड़ाव में एक रणनीतिक सफलता है, जो 1.4 अरब लोगों के लिए 20,000 अरब डॉलर के ईयू बाजार में विशाल अवसर खोलेगा।
  • यूरोपीय संघ इस मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने के साथ ही पहले दिन भारत के 90 प्रतिशत सामानों पर आयात शुल्क खत्म कर देगा। 
  • उम्मीद है कि इस समझौते पर इस साल के अंत में हस्ताक्षर होंगे और इसके 2027 की शुरुआत में लागू होने की संभावना है।
  • यूरोपीय संघ को भारत में दस वर्षों की अवधि में अपने 93 प्रतिशत सामानों के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
  • भारत समझौते को लागू करने के पहले दिन यूरोपीय वस्तुओं के केवल 30 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क हटाएगा। भारत यूरोपीय संघ को व्यापार मूल्य के 3.7 प्रतिशत हिस्से पर शुल्क रियायतें और कोटा-आधारित कटौती भी दे रहा है। कुल मिलाकर, भारत ईयू को व्यापार मूल्य के 97.5 प्रतिशत पर शुल्क रियायतें दे रहा है। 
  • जीरो-टैरिफ वाले प्रमुख भारतीय उत्पादों में कपड़ा, परिधान, समुद्री उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, रबर, चमड़ा, जूते-चप्पल, आधार धातु, रत्न और आभूषण, फर्नीचर, खिलौने और खेल के सामान शामिल हैं। इस समय इन क्षेत्रों पर यूरोपीय संघ में 0 से 26 प्रतिशत तक शुल्क लगता है।
  • ऑटो सेक्टर में दोनों पक्षों ने कोटा आधारित शुल्क रियायतों पर बातचीत की है, क्योंकि इस सेक्टर में यूरोपीय संघ की मांग बहुत आक्रामक है।
  • भारत का ऑटो सेक्टर काफी हद तक छोटी कारों (10 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक) के दबदबे वाला है। इस सेगमेंट में यूरोपीय संघ की रुचि बहुत ज्यादा नहीं है।
  • इस समय ऑटोमोबाइल पर भारत का आयात शुल्क 66 प्रतिशत से 125 प्रतिशत तक है। भारत कोटे से बाहर कोई शुल्क कटौती नहीं देगा।
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए भारत का कोटा समझौते के 5वें साल से शुरू होगा। ईवी के लिए शुल्क कटौती अलग-अलग सेगमेंट में अलग-अलग होगी। पहले साल में कुछ सेगमेंट में ये 35 फीसदी और कुछ में 30 फीसदी होगी। फिर ये धीरे-धीरे नीचे जाएगी।

यूरोप से भारत आने वाली कौन-कौन सी चीजें होंगी सस्ती

यूरोप से भारत आने वाली लग्जरी कार, वाइन, स्पिरिट, बीयर, जैतून का तेल, कीवी, नाशपाती, फ्रूट जूस, प्रोसेस्ड फूड जैसे ब्रेड, पेस्ट्री, बिस्कुट, पास्ता, चॉकलेट, पेट फूड, भेड़ का मांस, सॉसेज और अन्य मीट शामिल हैं। इन वस्तुओं पर अभी 33 प्रतिशत से लेकर 150 प्रतिशत का टैरिफ लगता है। एफटीए लागू होने के बाद भारतीय बाजार में बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, लेम्बोर्गिनी, पोर्श और ऑडी जैसी प्रीमियम लग्जरी यूरोपीय कारों के सस्ते होने की संभावना है, क्योंकि भारत इस समझौते के तहत कोटा-आधारित आयात शुल्क रियायतें देगा। ईयू भारतीय ऑटोमोबाइल के लिए चरणबद्ध तरीके से शुल्क खत्म करेगा, जबकि भारत ईयू की कारों के लिए शुल्क 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर देगा, जो सालाना 2.5 लाख के कोटे के अधीन होगा।

मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण, विमान और अंतरिक्ष यान, ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण, प्लास्टिक, रसायन, लोहा और इस्पात, तथा फार्मा जैसे ईयू सामानों को भारतीय बाजारों में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। जिससे ये चीजें भी सस्ती हो जाएंगी। यूरोप से इंपोर्ट की जाने वाली महंगी वाइन पर 7 सालों में शुल्क 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा। बीयर पर 110 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत और स्पिरिट पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि, 2.5 यूरो से कम की वाइन के लिए कोई रियायत नहीं होगी। इससे, भारत में यूरोपीय वाइन, बीयर और स्पिरिट भी सस्ती हो जाएगी।

भारत का 22वां एफटीए पार्टनर बना यूरोपीय संघ

बताते चलें कि यूरोपीय संघ भारत का 22वां एफटीए पार्टनर बन गया है। एनडीए सरकार ने 2014 से मॉरीशस, यूएई, ब्रिटेन, ईएफटीए, ओमान और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते किए हैं और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते की घोषणा की है। भारत ने 2025 में ओमान और ब्रिटेन के साथ व्यापारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते के संपन्न होने की घोषणा की।

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