Home Loan: दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में ज्यादातर घरों की बिक्री होम लोन के जरिए ही होती है। होम लोन, सबसे लंबा चलने वाला लोन होता है, जिसकी अधिकतम अवधि 30 साल होती है। ये 30 साल इतने लंबे होते हैं कि लोगों की आधी जिंदगी घर-मकान की ईएमआई चुकाते-चुकाते ही खत्म हो जाती है। यहां हम ये जानने की कोशिश करेंगे कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी वजह से होम लोन की ईएमआई देना बंद कर देता है तो ऐसी परिस्थितियों में आगे क्या होगा। इसके अलावा, बैंक अपना पैसा वसूल करने के लिए किस हद तक जा सकता है?
होम लोन की ईएमआई देना बंद कर दें तो क्या होगा
अगर आप किसी भी वजह से होम लोन की एक भी ईएमआई भरने में चूक जाते हैं, तो सबसे पहले आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका बुरा असर पड़ेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुताबिक, अगर आपकी एक भी ईएमआई मिस होती है तो इससे आपके क्रेडिट स्कोर में 50-70 अंकों की गिरावट आती है। अगर आप लगातार कई ईएमआई नहीं भरते हैं या ईएमआई भरना ही बंद कर देते हैं तो आपके क्रेडिट स्कोर में भारी गिरावट आ सकती है। इतना ही नहीं, आप जितनी भी ईएमआई मिस करेंगे, आपका बैंक प्रत्येक मिस की गई ईएमआई पर जुर्माने के रूप में भारी लेट फीस, पेनल्टी और पीनल इंटरेस्ट लगाता रहेगा। ये सभी जुर्माने आपकी आने वाली ईएमआई के साथ जुड़कर आती रहेगी।
वसूली के लिए किस हद तक जा सकता है आपका बैंक
EMI की पेमेंट मिस होने पर आमतौर पर बैंक ग्राहकों को नोटिस देते हैं। अगर डिफॉल्ट लगातार जारी रहता है और 90 दिनों से ज्यादा हो जाता है तो बैंक आपके लोन अकाउंट को NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) में क्लासिफाई कर देता है। अगर आपका लोन अकाउंट NPA में क्सासिफाई हो जाता है तो बैंक के पास अपना पैसा वसूलने के लिए आपके घर की नीलामी करने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। हालांकि, इसके बाद भी आपके पास अपना घर बचाने का मौका होता है। नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले आप बैंक को सारा बकाया चुका कर अपने घर को बचा सकते हैं।



































