केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसी भी देश के विकास के लिए ग्रोथ रेट बढ़ाना है तो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हम जो आयात-निर्यात करते हैं, उसमें हमारे लॉजिस्टिक का खर्च बहुत ज्यादा है। चीन में लॉजिस्टिक कॉस्ट 8%, यूरोपीय देशों और अमेरिका में 12% और हमारे देश में ये 14% से 16% है। इस लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करने के लिए हमारी सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी है। केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को नागपुर में बजट 2026 को लेकर मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा कि आईआईटी की स्टडी के मुताबिक, अब हमारे लॉजिस्टिक कॉस्ट में 5 से 6 प्रतिशत की गिरावट आई है।
देश के लॉजिस्टिक खर्च को कम करने के लिए सरकार ने 12 सालों तक किया काम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने लॉजिस्टिक के खर्च को कम करने के लिए लगातार 12 सालों तक काम किया है और सरकार के इस काम के दम पर देश का लॉजिस्टिक कॉस्ट सिंगल डिजिट 9% पर आ गया है।
रिस्क गारंटी फंड की स्थापना
मंत्री ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर में पब्लिक प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि महानगरपालिका, राज्य सरकार, भारत सरकार पीपीपी मोड में जो भी प्रोजेक्ट लेंगे, उसमें बड़े पैमाने पर इस रिस्क गारंटी फंड का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्राइवेट इन्वेस्टर का विश्वास बढ़ेगा। मंत्री ने कहा कि हम लोग करीब ढ़ाई लाख करोड़ रुपये की लागत से नेशनल हाईवे पर टनल बना रहे हैं। नेशनल हाईवे टनल के अलावा रेलवे के भी कई टनल हैं और सभी टनल की लागत करीब 3.5 से 4 लाख करोड़ रुपये है।
मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब इनकम टैक्स नहीं
नितिन गडकरी ने कहा कि रोड एक्सिडेंट का शिकार होने वाले व्यक्ति को टैक्स में राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब इनकम टैक्स नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल में जब फैसला होने पर जो ब्याज लगता था, उस पर इनकम टैक्स भी लगाया जाता था, जो अब नहीं लगेगा। इसके अलावा, उन्होंने पूर्वोत्तर में 6 राज्यों में बनाए जाने वाले बुद्ध सर्किट को लेकर कहा कि यहां 4000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगे, जो पर्यावरण अनुकूल होंगी, पर्यटन और धार्मिक यात्राएं आसान और सुविधाजनक होंगी और इससे नए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे।



































