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Maruti Suzuki की ये कार क्रैश टेस्ट में सिर्फ 3 स्टार कर सकी हासिल, जानें बच्चों के लिए है कितनी सुरक्षित

 Published : Dec 23, 2025 06:59 am IST,  Updated : Dec 23, 2025 06:59 am IST

Global NCAP की रिपोर्ट साफ तौर पर बताती है कि यात्रियों, खासकर परिवार और बच्चों की बेहतर सुरक्षा के लिए इस कार में अभी कई अहम सुधारों की जरूरत है। कंपनी को इस पर ध्यान देना होगा।

Global NCAP क्रैश टेस्टिंग से गुजरने के बाद मारुति की कार।- India TV Hindi
Global NCAP क्रैश टेस्टिंग से गुजरने के बाद मारुति की कार। Image Source : ऑफिशियल वेबसाइट

मारुति सुजुकी की पॉपुलर कार CELERIO को क्रैश टेस्ट एजेंसी ग्लोबल एनसीपी ने अपडेटेड टेस्टिंग प्रोटोकॉल के तहत ताजा क्रैश टेस्ट किए हैं। एजेंसी ने एडल्ट की सेफ्टी के मामले में महज 3 स्टार दिए हैं, जबकि बच्चों की सेफ्टी के लिहाज से सिर्फ 2 स्टार दिए हैं। यह रेटिंग 6 एयरबैग वाले मॉडल पर दी गई है। ग्लोबल एनसीपी ने 2 एयरबैग वाले सेलेरियो मॉडल का भी क्रैश टेस्ट किया और इसमें एडल्ट की सेफ्टी के लिए तो सिर्फ 2 स्टार की रेटिंग दिए हैं, जबकि बच्चों के लिए यह कार मात्र 1 स्टार हासिल कर सकी। globalncap की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, जिस सेलेरियो मॉडल का टेस्ट किया गया, वह भारत में बनी है और घरेलू बाज़ार में बेची जाती है। ग्लोबल NCAP टेस्टिंग में, मारुति सुजुकी सेलेरियो (6AB) को एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए कुल 34 में से 18.04 पॉइंट्स मिले। बच्चों की सुरक्षा के लिए, सेलेरियो (6AB) को 49 में से 18.57 पॉइंट्स मिले।

सेलेरियो में क्या मिली खामियां

क्रैश टेस्ट में पाया गया कि फ्रंटल इम्पैक्ट टेस्ट में ड्राइवर के सिर को पर्याप्त सुरक्षा मिली, जबकि पैसेंजर के सिर की सुरक्षा अच्छी पाई गई। ड्राइवर और पैसेंजर दोनों की गर्दन की सुरक्षा अच्छी रही। हालांकि, ड्राइवर की छाती को कमजोर सुरक्षा मिली, वहीं पैसेंजर की छाती को पर्याप्त प्रोटेक्शन मिला। दोनों के घुटनों को सीमित सुरक्षा मिली, क्योंकि वे डैशबोर्ड के पीछे मौजूद खतरनाक स्ट्रक्चर से टकरा सकते हैं। ड्राइवर की टिबिया और पैसेंजर की दाहिनी टिबिया को पर्याप्त सुरक्षा मिली, जबकि पैसेंजर की बाईं टिबिया को अच्छी सुरक्षा मिली। फुटवेल एरिया को अस्थिर रेट किया गया। इसके साथ ही कार का बॉडीशेल भी अस्थिर पाया गया, जो आगे और ज्यादा लोड सहने में सक्षम नहीं है।

साइड इम्पैक्ट टेस्ट में सिर और छाती को सीमित सुरक्षा मिली, पेट को पर्याप्त और पेल्विस को अच्छी सुरक्षा मिली। वहीं साइड पोल इम्पैक्ट टेस्ट में सिर और पेल्विस की सुरक्षा अच्छी रही, लेकिन छाती और पेट को केवल सीमित सुरक्षा मिल पाई। कार में इलेक्ट्रॉनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल स्टैंडर्ड तौर पर दिया गया है और इसका प्रदर्शन Global NCAP की नई जरूरतों के मुताबिक स्वीकार्य रहा। इसके अलावा सीट बेल्ट रिमाइंडर भी फ्रंट सीट्स के लिए स्टैंडर्ड है और यह तय मानकों पर खरा उतरा।

केवल एयरबैग जोड़ने से सेफ्टी रेटिंग में बड़ा इजाफा नहीं

Global NCAP की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि बिना जरूरी स्ट्रक्चरल सुधारों के केवल एयरबैग जोड़ने से सेफ्टी रेटिंग में बड़ा इजाफा नहीं हो सकता। रिपोर्ट के अनुसार, कार का बॉडीशेल अस्थिर बना हुआ है और क्रैश के दौरान एनर्जी मैनेजमेंट सीमित रहने की वजह से यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ता है। यही वजह है कि बेहतर रेटिंग के लिए एयरबैग के साथ-साथ मजबूत स्ट्रक्चर और बेहतर क्रैश एनर्जी एब्जॉर्प्शन सिस्टम की भी जरूरत है।

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