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इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में अचानक हुआ लीकेज, जल्दी से SpaceX के कैप्सूल में भेजे गए अंतरिक्ष यात्री

Published : Jun 05, 2026 09:50 pm IST,  Updated : Jun 05, 2026 09:50 pm IST
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में एक बार फिर अचानक हवा के रिसाव का मामला सामने आने के बाद NASA ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया। अंतरिक्ष एजेंसी ने स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को कुछ समय के लिए सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया। हालांकि मरम्मत कार्य रोकने के बाद स्थिति सामान्य होने पर सभी को दोबारा स्टेशन में लौटने की अनुमति दे दी गई।
1/6 Image Source : NASA Via AP
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में एक बार फिर अचानक हवा के रिसाव का मामला सामने आने के बाद NASA ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया। अंतरिक्ष एजेंसी ने स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को कुछ समय के लिए सुरक्षित स्थान पर जाने का निर्देश दिया। हालांकि मरम्मत कार्य रोकने के बाद स्थिति सामान्य होने पर सभी को दोबारा स्टेशन में लौटने की अनुमति दे दी गई।
रिसाव अंतरिक्ष स्टेशन के रूसी हिस्से में स्थित ज्वेज्दा (Zvezda) सर्विस मॉड्यूल के ट्रांसफर टनल क्षेत्र में पाया गया। नए रिसाव का पता चलते ही वहां मौजूद रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के तीन कॉस्मोनॉट्स ने मरम्मत का काम शुरू किया। यह वही हिस्सा है जहां पिछले कई सालों से दरारों और रिसाव की समस्याएं सामने आती रही हैं।
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रिसाव अंतरिक्ष स्टेशन के रूसी हिस्से में स्थित ज्वेज्दा (Zvezda) सर्विस मॉड्यूल के ट्रांसफर टनल क्षेत्र में पाया गया। नए रिसाव का पता चलते ही वहां मौजूद रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के तीन कॉस्मोनॉट्स ने मरम्मत का काम शुरू किया। यह वही हिस्सा है जहां पिछले कई सालों से दरारों और रिसाव की समस्याएं सामने आती रही हैं।
स्थिति को देखते हुए स्टेशन पर मौजूद 5 अंतरिक्ष यात्रियों को अस्थायी रूप से वहां डॉक किए गए SpaceX के कैप्सूल में भेज दिया गया। NASA की प्रवक्ता बेथनी स्टीवंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि यह फैसला 'काफी सावधानी' बरतते हुए लिया गया था ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
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स्थिति को देखते हुए स्टेशन पर मौजूद 5 अंतरिक्ष यात्रियों को अस्थायी रूप से वहां डॉक किए गए SpaceX के कैप्सूल में भेज दिया गया। NASA की प्रवक्ता बेथनी स्टीवंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि यह फैसला 'काफी सावधानी' बरतते हुए लिया गया था ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
NASA के अनुसार, पहले भी इन रिसावों को बंद करने के लिए कई बार मरम्मत की गई थी, लेकिन नए रिसाव मिलने के बाद रोस्कोस्मोस ने इस बार अधिक व्यापक और विस्तृत मरम्मत अभियान चलाने का फैसला किया। दोनों अंतरिक्ष एजेंसियां लंबे समय से यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन दरारों और रिसावों की असली वजह क्या है।
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NASA के अनुसार, पहले भी इन रिसावों को बंद करने के लिए कई बार मरम्मत की गई थी, लेकिन नए रिसाव मिलने के बाद रोस्कोस्मोस ने इस बार अधिक व्यापक और विस्तृत मरम्मत अभियान चलाने का फैसला किया। दोनों अंतरिक्ष एजेंसियां लंबे समय से यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन दरारों और रिसावों की असली वजह क्या है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि मरम्मत कार्य के दौरान हालात नियंत्रण में रहे। कुछ समय बाद NASA ने 'सेफ हेवन' प्रक्रिया समाप्त करने की घोषणा की और अंतरिक्ष यात्रियों को सामान्य कामकाज फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी। इसके बाद सभी अंतरिक्ष यात्री दोबारा अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर लौट आए।
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हालांकि राहत की बात यह रही कि मरम्मत कार्य के दौरान हालात नियंत्रण में रहे। कुछ समय बाद NASA ने 'सेफ हेवन' प्रक्रिया समाप्त करने की घोषणा की और अंतरिक्ष यात्रियों को सामान्य कामकाज फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी। इसके बाद सभी अंतरिक्ष यात्री दोबारा अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर लौट आए।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अब काफी पुराना हो चुका है और हाल के वर्षों में वहां कई बार दरारें और हवा के रिसाव जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आ चुकी हैं। NASA का मानना है कि इन समस्याओं के लिए अब स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन के संचालन पर किसी तरह का खतरा न उत्पन्न हो।
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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अब काफी पुराना हो चुका है और हाल के वर्षों में वहां कई बार दरारें और हवा के रिसाव जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आ चुकी हैं। NASA का मानना है कि इन समस्याओं के लिए अब स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन के संचालन पर किसी तरह का खतरा न उत्पन्न हो।
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