केंद्रीय बैंक पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो रेट में 1.25 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। गवर्नर ने कहा कि जमा पक्ष पर नीति दरों में बदलाव का प्रभाव धीमा रहा है और सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में आगे कमी आएगी।
आरबीआई के इस फैसले की वजह से लोन की ब्याज दरें भी जस की तस रहेंगी और ग्राहकों को कोई नहीं राहत नहीं मिलेगी।
आरबीआई ने पिछले साल रेपो रेट में कुल 4 बार कटौती की थी। सबसे पहले, फरवरी 2025 में रेपो रेट 0.25 प्रतिशत घटाया गया था।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) का फैसला शुक्रवार, 6 फरवरी को घोषित किया जाएगा।
भारतीय रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में 5 बार में 1.25 प्रतिशत की कटौती की। रिजर्व बैंक ने इस साल रेपो रेट में सबसे पहले फरवरी में 0.25 प्रतिशत, अप्रैल में 0.25 प्रतिशत, जून में 0.50 प्रतिशत और फिर दिसंबर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की।
इंडियन बैंक के अलावा, पब्लिक सेक्टर के दो अन्य बैंक- बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा भी कर्ज की ब्याज दरों में कटौती कर चुके हैं।
RBI ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में 0.25% की कटौती कर दी है। इस फैसले का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा, क्योंकि अब होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पहले से कम हो जाएगी। आइए जानते हैं कि आपकी EMI कितनी कम होगी?
अक्टूबर में खुदरा महंगाई (सीपीआई) घटकर 0.3% पर आ गई, जो पिछले एक दशक का सबसे निचला स्तर है। इससे आरबीआई को फैसला लेने में मदद मिलेगी। अगले 12 महीनों में औसत सीपीआई महंगाई लगभग 3.7% रहने की संभावना है।
मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 3-5 दिसंबर 2025 तक होनी है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 दिसंबर को समिति के फैसलों की घोषणा करेंगे।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) 29 सितंबर से 3 दिन तक विचार-विमर्श के लिए बैठक करेगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसके अलावा, उन्होंने रूस के साथ व्यापार करने की वजह से भारत पर अलग से जुर्माना लगाने की भी बात कही है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत पर ही स्थिर रखने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर ने इस बार रेपो रेट में किसी भी तरह के बदलाव का ऐलान नहीं किया।
दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक दरों में एक और कटौती कर सकता है क्योंकि वृद्धि के दृष्टिकोण के लिए चुनौतियां संभावित मुद्रास्फीति जोखिमों से ज़्यादा हैं।
आरबीआई इस साल फरवरी से लेकर जून तक रेपो रेट में कुल 1 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। रेपो रेट निर्धारित करने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक 4 से 6 अगस्त को होगी।
रेपो रेट घटने के बाद होम लोन पर बड़ी बचत करने के 3 सबसे असरदार तरीके हम आपको बता रहे हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती से होम लोन लेने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। लोन की ईएमआई में बड़ी कमी हो गई है।
रिजर्व बैंक ने नकद आरक्षित अनुपात (CRR) में भी 1 प्रतिशत की बड़ी कटौती की है।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट घटाए जाने से खासतौर पर रियल एस्टेट, बैंक और ऑटो कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है।
रेपो रेट घटाए जाने से अब सभी बैंक लोन की ब्याज दरें भी घटा देंगे, जिससे आम लोगों को सस्ती दरों पर लोन मिलेगा।
बुधवार, 4 जून को शुरू हुई रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की मीटिंग का आज आखिरी दिन था।
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