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हाड़ कंपाती ठंड के साथ बीती जनवरी, अब जानिए फरवरी में कैसा रहेगा मौसम? IMD ने दिया बड़ा अपडेट

जनवरी महीने का अंत कड़ाके की सर्दी, तेज हवा, बारिश और बर्फबारी के बीच होने के साथ ही अब सबकी निगाहें फरवरी के मौसम पर टिकी हैं। मौसम विभाग ने भी फरवरी महीने के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।

Edited By: Niraj Kumar @nirajkavikumar1
Published : Jan 31, 2026 10:58 pm IST, Updated : Jan 31, 2026 10:58 pm IST
Cold wave, snowfall- India TV Hindi
Image Source : PTI उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी, बर्फबारी

नई दिल्ली: जनवरी महीने के आखिरी10  दिनों में जहां देश के उत्तरी इलाकों में जबरदस्त ठंड पड़ी वहीं अब फरवरी महीने की बारी है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक फरवरी में न केवल बारिश कम होने की संभावना है, बल्कि न्यूनतम और अधिकतम तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।

बारिश सामान्य से कम 

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पूरे देश में फरवरी में होने वाली बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है और न्यूनतम और अधिकतम तापमान, दोनों सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, ''गेहूं और जौ जैसी फसलों में समय से पहले पकने की समस्या हो सकती है, जिससे बाली में दाने नहीं बनेंगे और दाने हल्के हो जायेंगे तथा पैदावार कम हो जायेगी।''

जलवायु परिवर्तन का असर!

महापात्र ने कहा कि उत्तर-पश्चिमी भारत (जिसमें पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं) में फरवरी महीने में वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है। उन्होंने इस शुष्क मौसम का सीधा संबंध जलवायु परिवर्तन से जोड़ा।  उन्होंने कहा कि दिसंबर और जनवरी के ज्यादातर भागों में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की गैर मौजूदगी के कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सर्दियों में मौसम शुष्क बना रहा, जहां 20 जनवरी के बाद ही हिमपात हुआ। 

पश्चिमी हिमालय में बारिश में कमी का रुझान 

उन्होंने कहा, ''समय के साथ पश्चिमी हिमालय में बारिश में कमी का रुझान देखा गया है, जिसका कारण IMD और अन्य संस्थानों द्वारा किए गए अध्ययनों में जलवायु परिवर्तन को बताया गया है।'' उन्होंने हालांकि कहा कि यह बताना मुश्किल है कि जलवायु परिवर्तन का कौन सा विशेष पहलू पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश में कमी का कारण है। 

उन्होंने कहा कि लगातार दो वेस्टर्न डिस्टर्वेंस के कारण देश के पश्चिमी हिस्सों में बारिश हुई। जनवरी में बंगाल की खाड़ी में बने हवा के निम्न दबाव के क्षेत्र ने पूर्वोत्तर इलाके को छोड़कर देश के पूर्वी हिस्सों को बारिश से वंचित रखा। 

तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान

महापात्र ने कहा कि फरवरी महीने में न्यूनतम तापमान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, सिवाय दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों के, जहां न्यूनतम तापमान सामान्य रहने का अनुमान है। इसी तरह, देश के अधिकांस हिस्सों में अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, मध्य भारत के दूरदराज के कुछ इलाकों और दक्षिणी भारत में अधिकतम तापमान के सामान्य रहने का अनुमान है। 

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