दीर अल-बलाह (गाजा पट्टी): गाजा पट्टी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति स्थापना के प्रयासों के बीच शनिवार तड़के इजरायल ने और बड़ा हमला किया है। इस हमले में कम से कम 12 फलस्तीनियों की मौत हो गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। नासिर और शिफा अस्पतालों के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह हमले अक्टूबर 2025 में हुए संघर्ष-विराम समझौते के बाद सबसे अधिक मौतों वाले हमलों में से एक हैं, जब अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू हुआ था।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, हमलों में गाजा सिटी के एक अपार्टमेंट भवन और खान यूनिस में एक टेंट कैंप को निशाना बनाया गया। शिफा अस्पताल ने बताया कि गाजा सिटी के हमले में एक मां, तीन बच्चे और उनके एक रिश्तेदार की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बच गईं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि यहां तीन बच्चे, उनकी चाची और दादी मारी गईं। नासिर अस्पताल ने खान यूनिस के टेंट कैंप पर हमले की पुष्टि की, जहां आग लगने से सात लोग मारे गए, जिनमें एक पिता, उसके तीन बच्चे और तीन पोते-पोतियां शामिल हैं। कुल मौतों में दो महिलाएं और छह बच्चे दो अलग-अलग परिवारों से थे।
राफा क्रॉसिंग खोलने से पहले हमला
इजरायल ने यह हमला तब किया है, जब रविवार को राफा क्रॉसिंग खोले जाने की तैयारी है। इजरायली सेना (आईडीएफ) ने इन हमलों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। राफा क्रॉसिंग सहायता और लोगों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है। गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय के अनुसार, अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बाद से इजरायली कार्रवाइयों में 524 से अधिक फिलस्तीनी मारे जा चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी 500 से अधिक मौतों की पुष्टि की है। क्षेत्र में मानवीय स्थिति अभी भी गंभीर है, जहां सर्दी, बारिश और अपर्याप्त सहायता से लाखों विस्थापित प्रभावित हैं। ये घटनाएं युद्धविराम की नाजुकता को उजागर करती हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन की गाजा योजना के दूसरे चरण में हथियारों का निरस्त्रीकरण और पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे चर्चा में हैं। इजरायल ने दावा किया है कि हमले आतंकी ठिकानों पर थे, लेकिन फिलस्तीनी पक्ष इसे नागरिकों पर हमला बताते हैं।
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