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चांदी की कीमत रिकॉर्ड हाई से 35% फिसली, आगे भी हो सकती है भारी गिरावट, ये है वजह

 Published : Jan 31, 2026 12:43 pm IST,  Updated : Jan 31, 2026 12:44 pm IST

जानकार का कहना है कि भले ही चांदी की स्ट्रक्चरल डिमांड बनी हुई है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर चांदी एक बबल जोन में है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की ओपनिंग बेहद अहम होगी।

बड़े संस्थागत निवेशक आगे भी मुनाफावसूली जारी रख सकते हैं।- India TV Hindi
बड़े संस्थागत निवेशक आगे भी मुनाफावसूली जारी रख सकते हैं। Image Source : PIXABAY

चांदी की कीमत फिलहाल अपने रिकॉर्ड हाई लेवल से 35 प्रतिशत नीचे है। चांदी सहित सोने में बीते शुक्रवार, 30 जनवरी 2026, को दशकों की सबसे तेज गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 11% से ज्यादा गिर गई, जबकि COMEX पर चांदी 31% से अधिक टूट गई। तेज गिरावट के बाद चांदी की कीमत अब अपने रिकॉर्ड हाई 121.755 डॉलर प्रति औंस से करीब 35% नीचे आ चुकी है। livemint की खबर के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का मानना है कि चांदी में अभी और करेक्शन बाकी है और बड़े संस्थागत निवेशक आगे भी मुनाफावसूली जारी रख सकते हैं।

चांदी में तेज गिरावट की वजह

जानकारों के मुताबिक, चांदी में आई भारी बिकवाली की वजह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श को अगला फेडरल रिजर्व चेयरमैन नामित किए जाने के बाद बाजार में बड़ा मैक्रो री-प्राइसिंग भी रही। उन्होंने कहा कि वॉर्श की सख्त मुद्रास्फीति नीति और फेड की स्वतंत्रता पर जोर देने वाली सोच के चलते डॉलर मजबूत हुआ, रियल यील्ड बढ़ी, और सोने-चांदी में बने ओवरलीवरेज्ड पोजिशन तेजी से अनवाइंड होने लगे। यही वजह रही कि ताबड़तोड़ बिकवाली सामने आई, जिसने अरबों डॉलर का मार्केट कैप साफ कर दिया। 

CME ने सोना-चांदी पर मार्जिन बढ़ाया

चांदी की कीमतों में और गिरावट की आशंका जताते हुए SEBI रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (सीएमई) ने कॉपर के बाद अब सोना और चांदी दोनों पर मार्जिन मनी बढ़ा दी है। सीएमई ने सोने का मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया है, जबकि चांदी पर मार्जिन 11% से बढ़ाकर 15% किया गया है। इससे कीमती धातुओं पर दबाव और बढ़ सकता है। सोना और चांदी के ऊंचे दामों और कमजोर मांग के कारण भारतीय ज्वेलरी सेक्टर पर दोहरी मार पड़ी है। उम्मीद है कि बजट 2026 में इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो घरेलू और वैश्विक दोनों फैक्टर सोना-चांदी की कीमतों के लिए नकारात्मक साबित हो सकते हैं।

चांदी में 30% और गिरावट संभव!

क्या चांदी की तेजी अब खत्म हो चुकी है? जानकार का मानना है कि सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की ओपनिंग बेहद अहम होगी। जानकार का मानना है कि भले ही चांदी की संरचनात्मक मांग बनी हुई है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर चांदी एक बबल जोन में है। यहां से चांदी में कम से कम 30% की और गिरावट देखने को मिल सकती है। जून 2026 के अंत तक चांदी की कीमत $50 प्रति औंस तक आ सकती है। वहीं, भारत में MCX पर चांदी का भाव फिलहाल करीब ₹2,92,000 प्रति किलो है, जो जून 2026 तक ₹2 लाख प्रति किलो तक फिसल सकता है।

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