गाजा पट्टी में सीजफायर लाइन के पास इजरायली ड्रोन हमले में दो फिलिस्तीनी युवकों की मौत हो गई। इसके अलावा मघाजी शरणार्थी शिविर में एक महिला भी मारी गई। बता दें कि दोनों पक्षों में सीजफायर के बावजूद हिंसा जारी है, जिससे इलाके में तनाव बना हुआ है।
हमास के साथ जंग में इजरायल के सैन्य अधिकारी गाजा में सिगरेट की तस्करी कर रहे थे। तस्करी में इजरायल की सुरक्षा सेवा के प्रमुख के भाई शामिल थे। चलिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
इजरायल और हमास के बीच सीजफायर पर सहमति बनी है। सीजफायर पर सहमति के बाद भी गाजा में लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। इजरायल की सेना ने गाजा में भीषण गोलीबारी की है जिसमें 21 लोग मारे गए हैं।
इजरायल की सेना ने गाजा के खान यूनिस में सैकड़ों मीटर लंबी एक अंडरग्राउंड सुरंग का वीडियो शेयर किया है। सुरंग से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं।
इजरायल ने अक्टूबर के बाद गाजा पर बहुत बड़ा हमला किया है। इसमें कम से कम 23 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा में रिवेरा बनाने के प्रस्ताव का फिलिस्तीन ने स्वागत किया है, लेकिन कहा कि ये अगर गाजा के लोगों के लिए हो तब ठीक है।
इजरायल गाजा से मिस्र को जोड़ने वाली राफा क्रॉसिंग को करीब 2 साल बाद खोलने जा रहा है। इजरायल ने शुक्रवार को कहा कि वह इस सप्ताहांत गाजा के मिस्र के साथ सीमा क्रॉसिंग (राफा) को दोनों दिशाओं में फिर से खोलेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों को गाजा पर बड़ा संदेश लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास भेजा है। नेतन्याहू से गाजा सीजफायर का दूसरा चरण आरंभ करने का आग्रह किया गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर अपने ही देश में गाजा के मुद्दे पर घिर गए हैं। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने पर विपक्ष समेत देश के आम लोग शहबाज और मुनीर की बगावत पर उतर आए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में बोर्ड ऑफ पीस का उद्घाटन कर दिया है। पाकिस्तान, तुर्की समेत करीब 20 देशों ने ट्रंप के इस चार्टर पर हस्ताक्षर भी कर दिया है।
इजरायल और हमास के बीच भले ही सीजफायर हो गया है लेकिन गाजा में लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। इजरायल की ओर से की गई सैन्य कार्रवाई में 11 लोग मारे गए हैं। इजरायल ने लेबनान पर भी हमला किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ निमंत्रण को कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और यूएई ने स्वीकार किया। यह बोर्ड गाजा संघर्ष समाप्त करने, अस्थायी प्रशासन, पुनर्निर्माण और स्थायी शांति स्थापित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग करेगा।
ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अमेरिका और यूरोप के बीच जारी तनाव को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे से हमारा कोई लेना-देना नहीं'।
डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने को लेकर भारत की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि इस मामले में सरकार बहुत फूंक-फूंककर कदम रख रही है।
China on Gaza Board of Peace: चीन ने ट्रंप को गाजा पर बनाए जा रहे बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने से इनकार कर दिया है। चीन का कहना है कि अगर इसमें यूएन शामिल नहीं होता तो वह भी नहीं रहेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप विश्व के शीर्ष नेताओं को बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का खास न्योता भेज रहे हैं। ट्रंप ने रविवार रात पीएम मोदी समेत कई देशों के नेताओं को ये न्योता पहले ही भेज चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना के तहत ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता भारत को भी मिला है।
इजरायली सेना ने गाजा में सीजफायर लाइन क्रॉस करने पर दर्जनों फिलिस्तीनियों को मौत के घाट उतार दिया है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि लाइन अस्पष्ट होने की वजह से लोग गलती से कई बार उस पार चले जाते हैं।
गाजा कार्यकारी समिति के गठन को लेकर इजरायल अमेरिका पर भड़क गया है। इजरायल ने इसे अपनी नीतियों के विपरीत बताया है और घोर आपत्ति भी जताई है।
गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप के पीस प्लान के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' का गठन शुरू हो गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विश्वबैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर जैसे शख्सियतों को इस बोर्ड में शामिल किया गया है।
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