ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिका और यूरोप में ठन गई है। यूरोपीय देश जैसे ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी अमेरिका के दवाब के आगे एकजुट हो रहे हैं। इस बीच ग्रीनलैंड के मुद्दे को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी बड़ा बयान दिया है। पुतिन ने साफ तौर पर कह दिया है कि ग्रीनलैंड के मामले से रूस का कोई लेना-देना नहीं है। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप धन या सैन्य बल के माध्यम से ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने की बात कह रहे हैं। ग्रीनलैंड, डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है जो कि NATO में भी शामिल है। ऐसे में ट्रंप के इस कदम से NATO की एकता भी हिल गई है।
क्या बोले पुतिन?
दरअसल, बुधवार की रात पुतिन ने नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में भाग लिया। इस दौरान पुतिन ने कहा- "ग्रीनलैंड का क्या होता है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। वैसे डेनमार्क ने हमेशा ग्रीनलैंड को एक कॉलोनी की तरह माना है और उसके साथ क्रूरता नहीं लेकिनकाफी सख्ती तो की है। लेकिन यह पूरी तरह से एक अलग मामला है, और मुझे लगता है कि अभी इसमें किसी की दिलचस्पी नहीं है। निश्चित रूप से इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे।"
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने संबोधन में ये भी याद दिलाया है कि साल 1917 में डेनमार्क ने वर्जिन आइलैंड्स को बेच दिया था। इसके अलावा पुतिन ने ये भी याद दिलाया कि 1867 में रूस ने अलास्का को अमेरिका को 7.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बेच दिया था।
बोर्ड ऑफ पीस पर क्या बोले पुतिन?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में गाजा में शांति के लिए बोर्ड ऑफ पीस का गठन किया है। इसमें शामिल होने के लिए ट्रंप ने पीएम मोदी, पुतिन समेत कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं को न्योता भेजा है। इस बोर्ड में शामिल होने के मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि रणनीतिक साझेदारों से सलाह-मशविरा करने के बाद बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने पर फैसला लिया जाएगा। (इनपुट: एपी)
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