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SIDBI को 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी सपोर्ट को कैबिनेट की मंजूरी, 1.12 करोड़ नए रोजगार पैदा होने का अनुमान

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jan 21, 2026 10:42 pm IST,  Updated : Jan 21, 2026 10:42 pm IST

5000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एमएसएमई की संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 1.02 करोड़ होने की उम्‍मीद है।

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स्वस्थ सीआरएआर को बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण Image Source : SIDBI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) को 5000 करोड़ रुपये के इक्विटी सपोर्ट को मंजूरी दे दी है। ये 5000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा सिडबी में 3 चरणों में निवेश की जाएगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3000 करोड़ रुपये का निवेश 31 मार्च, 2025 के बुक वैल्यू पर प्रति शेयर 568.65 रुपये किया जाएगा। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में 1-1 हजार करोड़ रुपये की राशि संबंधित पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष की 31 मार्च की बुक वैल्यू पर निवेश की जाएगी।

1.12 करोड़ नए रोजगार पैदा होने का अनुमान

5000 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी निवेश के बाद वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले एमएसएमई की संख्या वित्तीय वर्ष 2025 के अंत में 76.26 लाख से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2028 के अंत तक 1.02 करोड़ होने की उम्‍मीद है। यानि, इससे लगभग 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थी जोड़े जाएंगे। एमएसएमई मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से उपलब्ध आंकड़ों (30 सितंबर, 2025 तक) के अनुसार, 6.90 करोड़ एमएसएमई द्वारा कुल 30.16 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है। इसका मतलब ये हुआ कि प्रत्येक एमएसएमई से औसतन 4.37 लोगों को रोजगार मिला है। इस औसत को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2027-28 के अंत तक अनुमानित 25.74 लाख नए एमएसएमई लाभार्थियों के जुड़ने से लगभग 1.12 करोड़ नए रोजगार के सृजन का अनुमान है।

स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने के लिए ज्यादा पूंजी की होगी जरूरत

बताते चलें कि निर्देशित ऋण पर विशेष ध्यान और आने वाले 5 सालों में पोर्टफोलियो में अपेक्षित बढ़ोतरी के कारण, सिडबी की बैलेंस शीट पर जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस बढ़ोतरी के चलते पूंजी-जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (CRAR) के समान स्तर को बनाए रखने के लिए ज्यादा पूंजी की जरूरत होगी। इसके अलावा, ऋण प्रवाह को बढ़ाने के उद्देश्य से सिडबी द्वारा विकसित किए जा रहे डिजिटल और डिजिटल रूप से सक्षम, संपार्श्विक-मुक्‍त वाले ऋण उत्पाद तथा स्टार्ट-अप्स को प्रदान किया जा रहा उद्यम ऋण भी जोखिम-भारित परिसंपत्तियों में वृद्धि करेगा, जिसके परिणामस्वरूप स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने के लिए और ज्यादा पूंजी की जरूरत होगी।

स्वस्थ सीआरएआर को बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण

निर्धारित स्तर से काफी ऊपर स्वस्थ सीआरएआर को बनाए रखना क्रेडिट रेटिंग की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। अतिरिक्त शेयर पूंजी के निवेश से स्वस्थ सीआरएआर बनाए रखने में सिडबी को लाभ होगा। इस अतिरिक्त पूंजी निवेश से सिडबी को उचित ब्याज दरों पर संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी, जिससे एमएसएमई को प्रतिस्पर्धी लागत पर ऋण प्रवाह में वृद्धि हो सकेगी। प्रस्तावित इक्विटी पूंजी का चरणबद्ध अथवा क्रमिक निवेश अगले 3 सालों में उच्च दबाव परिदृश्य के अंतर्गत सीआरएआर को 10.50 प्रतिशत से ऊपर तथा पिलर-1 और पिलर-2 के अंतर्गत 14.50 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखने में सिडबी को सक्षम बनाएगा।

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