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थलापति विजय की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'जना नायकन' 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होनी थी, लेकिन सीबीएफसी के चलते आई मुश्किलों के कारण अब तक ये फिल्म रिलीज नहीं हो पाई है। फिल्म को लेकर अब मद्रास हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई जारी है। इस बीच हम आपको कुछ ऐसी अन्य फिल्मों के बारे में बताते हैं, जो ऐसे ही कानूनी पचड़ों में फंस चुकी हैं और फिर इनकी रिलीज डेट पोस्टपोन करके इन्हें देरी से रिलीज करना पड़ा।
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पद्मावत- संजय लीला भंसाली की पीरियड ड्रामा 'पद्मावत' पर खूब बवाल हुआ था। फिल्म को सीबीएफसी से मंजूरी मिलने से पहले कई हिंसक विरोध, कानूनी याचिकाओं और जबरन टाइटल में बदलाव जैसी समस्याओं से होकर गुजरना पड़ा। कानूनी दवाब के चलते दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर स्टारर फिल्म की रिलीज डेट में लगातार बदलाव होते रहे।
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उड़ता पंजाब- शाहिद कपूर, आलिया भट्ट और करीना कपूर स्टारर इस फिल्म को भी सीबीएफसी के साथ एक लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा था। सीबीएफसी ने इस रिलीज के लिए मंजूरी देने से पहले 89 कट लगाने की मांग की थी। ऐसे में निर्माताओं ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद फिल्म को काफी कम कट के साथ रिलीज करने की अनुमति मिल गई, लेकिन कानूनी लड़ाई के कारण इसकी रिलीज में जरूर देरी हुई।
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इमरजेंसी: कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' भी कई बार पोस्टपोन किए जाने के बाद 2025 में रिलीज हो पाई थी। शुरुआत में फिल्म 2023 में रिलीज होनी थी, लेकिन लोकसभा चुनाव और फिल्म के राजनीतिक कंटेंट को लेकर सीबीएफसी के साथ कंगना की फिल्म काफी देरी से रिलीज हो पाई।
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द बंगाल फाइल्स: फिल्म को लेकर सबसे बड़ा विवाद जो था वह गोपाल पाठा (जिन्होंने 1946 के दंगों के दौरान हिंदुओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी) का चित्रण था। पाठा के पोते ने फिल्म में उनके किरदार के चित्रण को लेकर निराशा व्यक्त करते हुए फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते इसे भी कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वहीं पश्चिम बंगाल में फिल्म पर अनौपचारिक प्रतिबंध भी लगा दिया गया था।
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ब्लैक फ्राइडे: अनुराग कश्यप की ये फिल्म 1993 के मुंबई बम धमाकों पर आधारित है। फिल्म को वास्तविक घटनाओं के चित्रण को लेकर प्रतिबंध और सीबीएफसी द्वारा गंभीर कानूनी विवादों का सामना करना पड़ा, जिसके चलते फिल्म सात साल देरी से रिलीज हुई थी। फिल्म तब तक सिनेमाघरों में दस्तक नहीं दे पाई, जब तक सुप्रीम कोर्ट ने इसे रिलीज करने की अनुमति नहीं दे दी।