London Protest: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय के लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ लंदन में आवाज उठी है। ब्रिटिश हिंदू संगठनों और बांग्लादेशी प्रवासी समूहों ने लंदन के ऐतिहासिक पार्लियामेंट स्क्वायर के पास प्रदर्शन किया। प्रदर्शन बुधवार, 21 जनवरी 2026 को शाम के समय हुआ, जिसमें ब्रिटिश सरकार से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर दबाव डालने की मांग की गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि बांग्लादेश की सरकार निर्दोष लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को रोकने के ठोस कदम उठाए।
'हिंदुओं की हत्या बंद करो'
प्रदर्शन के दौरान मौसम प्रतिकूल था और बारिश हो रही थी। बारिश और ठंड के बावजूद प्रदर्शन में सैकड़ों लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर लहराए, जिन पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था बांग्लादेश में हिंदुओं को बचाओ। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जोरदार नारे लगाते हुए कहा हिंदुओं की हत्या बंद करो, हिंदू लाइव्स मैटर। इस दौरान कई लोगों में गुस्सा भी देखने को मिला।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़े अत्याचार
हिंदू काउंसिल यूके ने इस मौके पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के सत्ता संभालने के बाद से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर अत्याचार बढ़ गए हैं। संगठन के अनुसार, ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाकर हिंदुओं को लगभग रोजाना निशाना बनाया जा रहा है। कई मामलों में निर्दोष लोगों की हत्या, मंदिरों पर हमले, संपत्ति की लूटपाट और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। बयान में दावा किया गया कि ऐसी हिंसा अब सामान्य हो गई है और अंतरिम सरकार इस पर प्रभावी रोकथाम नहीं कर रही, बल्कि कई मामलों में चुप्पी साधे हुए है या अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
'अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न अस्वीकार्य है'
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना था। आयोजकों ने ब्रिटिश संसद के सदस्यों से अपील की कि वो बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक दबाव बनाएं। कुछ सांसदों ने पहले भी संसद में इस मुद्दे को उठाया था, जिसमें हिंदुओं की हत्याओं, मंदिरों के विनाश और संपत्ति जलाने की घटनाओं का जिक्र किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की रक्षा के नाम पर अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न अस्वीकार्य है।
पहले भी हुए हैं प्रदर्शन
यह प्रदर्शन हाल के महीनों में ब्रिटेन में हुए कई विरोध प्रदर्शनों की कड़ी है। इससे पहले दिसंबर 2025 में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर भी बड़ा प्रदर्शन हुआ था। आयोजक संगठनों जैसे इंसाइट यूके, बांग्लादेश हिंदू एसोसिएशन और अन्य समूहों ने इसे एकजुटता का प्रतीक बताया। संगठन चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र और ब्रिटिश विदेश कार्यालय जैसे संस्थान सक्रिय हस्तक्षेप करें। संदेश साफ था कि अन्याय के खिलाफ चुप्पी नहीं, बल्कि आवाज उठानी होगी ताकि निर्दोषों की जान बचाई जा सके और मानवाधिकारों का सम्मान हो।
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