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न वंदे भारत, न राजधानी और न ही तेजस, देश की आम जनता की पहली पसंद बनी रेलवे की ये ट्रेन

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Mar 13, 2026 01:40 pm IST,  Updated : Mar 13, 2026 01:40 pm IST

देश में जहां एक ओर हाई-टेक ट्रेनों जैसे वंदे भारत, राजधानी और तेजस एक्सप्रेस की खूब चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर भारतीय रेलवे की एक ऐसी ट्रेन है जो चुपचाप आम यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। आइए जानते हैं कि रेलवे की कौन-सी ट्रेन आम जनता को काफी पसंद आ रही है।

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वंदे भारत, राजधानी और तेजस पर भारी पड़ी अमृत भारत Image Source : INDIAN RAILWAYS

देश में जहां एक ओर हाई-टेक ट्रेनों जैसे वंदे भारत, राजधानी और तेजस एक्सप्रेस की खूब चर्चा होती है, वहीं दूसरी ओर भारतीय रेलवे की एक ऐसी ट्रेन है जो चुपचाप आम यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। यह ट्रेन है अमृत भारत एक्सप्रेस, जो खास तौर पर कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए शुरू की गई है। कम किराया, बेहतर सुविधाएं और लंबी दूरी की आरामदायक यात्रा के कारण यह ट्रेन तेजी से लोकप्रिय हो रही है। रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक इसके स्लीपर क्लास में औसत ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से भी ज्यादा दर्ज की गई है, जिससे साफ है कि यात्रियों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

अमृत भारत एक्सप्रेस पूरी तरह नॉन-एसी ट्रेन है, लेकिन इसमें यात्रियों की सुविधा का खास ध्यान रखा गया है। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को सस्ता, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। ट्रेन में कुल 11 जनरल कोच, 8 स्लीपर कोच, 1 पैंट्री कार और 2 लगेज-कम-दिव्यांग कोच होते हैं। कम किराए में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह ट्रेन एक बड़ा विकल्प बनकर उभरी है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस कोच

हालांकि यह ट्रेन नॉन-एसी है, लेकिन इसमें कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेन की सीट और बर्थ का डिजाइन पहले से बेहतर बनाया गया है, जिससे यात्रियों को ज्यादा आराम मिलता है। कोच में एलईडी लाइट्स, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, सीसीटीवी कैमरे और सेमी-ऑटोमैटिक कपलर लगाए गए हैं, जिससे सफर ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो जाता है। इसके अलावा ट्रेन में बेहतर ब्रेकिंग सिस्टम, फायर सेफ्टी सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम भी लगाया गया है।

जनरल कोच की संख्या बढ़ाने पर जोर

भारतीय रेलवे ने आम यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जनरल कोच की संख्या बढ़ाने का भी फैसला किया है। वित्त वर्ष 2024-25 में लंबी दूरी की ट्रेनों में करीब 1250 जनरल कोच जोड़े गए थे। वहीं चालू वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 860 जनरल कोच और बढ़ाए जा चुके हैं। इससे बिना रिजर्वेशन यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा जगह मिल सकेगी।

17 हजार नए कोच

रेलवे आने वाले समय में यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए 17,000 नए नॉन-एसी कोच बनाने की प्लानिंग पर भी काम कर रहा है। इन कोचों में जनरल और स्लीपर दोनों तरह की सुविधाएं होंगी, जिससे आम यात्रियों को ज्यादा सीटें मिलेंगी और यात्रा का एक्सपीरिएंस बेहतर होगा।

सफाई और रखरखाव पर खास ध्यान

रेलवे ने ट्रेनों की साफ-सफाई और रखरखाव को भी प्रायोरिटी दी है। सभी कोचों में बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं, जिससे रेलवे ट्रैक और कोच साफ रहते हैं। इसके अलावा ट्रेनों में मैकेनाइज्ड क्लीनिंग, ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है।

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