वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 मुस्लिम देशों को 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने का न्योता दिया था। अब इन देशों के विदेश मंत्रियों ने इस न्योते को स्वीकार कर लिया है। वे गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। इन देशों में कतर, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। बुधवार को जारी एक संयुक्त बयान में इन देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा, 'हम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप द्वारा अपने नेताओं को 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने के लिए दिए गए न्योते का स्वागत करते हैं।'
बयान में आगे कहा गया, 'मंत्री अपने देशों के साझा फैसले की घोषणा करते हैं कि वे 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होंगे। हर देश अपने-अपने कानूनी और जरूरी प्रक्रियाओं के मुताबिक जॉइनिंग दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करेगा। इनमें मिस्र, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं, जिन्होंने पहले ही इसमें शामिल होने की घोषणा कर दी है।' मंत्रियों ने राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व वाले शांति प्रयासों का समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा कि उनके देश 'बोर्ड ऑफ पीस' के मिशन को लागू करने में मदद करेंगे। यह बोर्ड एक अस्थायी प्रशासन की तरह काम करेगा, जैसा कि 'गाजा संघर्ष को खत्म करने की व्यापक योजना' में बताया गया है।
गाजा संघर्ष को खत्म करने की व्यापक योजना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 द्वारा मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य स्थायी युद्धविराम को मजबूत करना, गाजा का पुनर्निर्माण करना और फिलिस्तीनियों के आत्मनिर्णय और राज्य बनाने के अधिकार पर आधारित न्यायपूर्ण और स्थायी शांति को आगे बढ़ाना है। इससे क्षेत्र के सभी देशों और लोगों के लिए सुरक्षा और स्थिरता का रास्ता खुलेगा।'बोर्ड ऑफ पीस' को हमास के साथ युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के हिस्से के रूप में पेश किया गया था। बताया जा रहा है कि यह समझौता इजराइल-गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए है। बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने कई विश्व नेताओं को इस बोर्ड में शामिल होने के लिए न्योता भेजा था।
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