नई दिल्ली: गाजा के लिए डोनाल्ड ट्रंप के पीस बोर्ड में भारत शामिल होगा या नहीं इस पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं हो पाया। माना जा रहा है कि इस मामले को लेकर भारत बहुत फूंक-फूंककर कदम रख रहा है।
ट्रंप के न्यौते पर कोई फैसला नहीं
जानकारों का कहना है कि भारत ने अभी तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “पीस बोर्ड” का हिस्सा बनने के लिए दिये गए आमंत्रण पर कोई निर्णय नहीं लिया है। यह बोर्ड गाजा में स्थायी शांति लाने और संभवतः दुनिया में जो संघर्षों चल रहे हैं, उन्हें हल करने की दिशा में काम करेगा।
मोदी समेत कई वर्ल्ड लीडर्स आमंत्रित
अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच हुए सीजफायर के समझौते के दूसरे चरण के तहत गठित पीस बोर्ड में शामिल होने के लिए जिन कई वर्ल्ड लीडर्स को आमंत्रित किया है, उनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हैं।
ट्रंप करेंगे रोडमैप की घोषणा
डोनाल्ड ट्रंप बृहस्पतिवार को स्विट्जरलैंड के पहाड़ी रिसॉर्ट दावोस में साला विश्व आर्थिक मंच के दौरान एक समारोह की मेजबानी करने वाले हैं, जिसमें वे “पीस बोर्ड ” की व्यापक रूपरेखा और उसके संविधान की घोषणा करेंगे। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि भारत इस पहल के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहा है क्योंकि इसमें संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।
किन देशों ने स्वीकर किया आमंत्रण?
जिन देशों ने ट्रंप का आमंत्रण स्वीकार किया है, उनमें अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाकिस्तान, मोरक्को, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम शामिल हैं। चीन, जर्मनी, इटली, पराग्वे, रूस, स्लोवेनिया, तुर्की और यूक्रेन सहित कई देशों ने आमंत्रण पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।