दुबई: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते संयुक्त अरब अमीरात पर भी अमेरिकी ठिकानों को लक्ष्य बनाकर हमले जारी हैं। ईरान यूएई में अमेरिकी लक्ष्यों को लगातार टारगेट कर रहा है। इस युद्ध के कारण क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप प्रसारित करने के आरोप में विभिन्न देशों के 10 नागरिकों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया है।
यूएई के अटार्नी जनरल ने की कार्रवाई
देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'वाम' (WAM) के अनुसार यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय घटनाक्रमों के चलते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी के बाद यह कदम उठाया गया। अटॉर्नी जनरल ने आरोपियों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया, लेकिन स्पष्ट किया कि इन लोगों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके बनाए गए फर्जी वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर फैलाए, जिनमें यूएई के विभिन्न इलाकों में विस्फोट, प्रमुख स्थलों पर हमले या धुएं के साथ बड़ी आग लगने का झूठा दावा किया गया था।
कई वीडियो को यूएई के सैन्य ठिकाने होने का किया दावा
कुछ वीडियो में यूएई के सैन्य ठिकानों के नष्ट होने का दावा किया गया था, जबकि ये घटनाएं अन्य देशों की थीं। इनका मुख्य उद्देश्य जनता को गुमराह करना, भय फैलाना और राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यवस्था तथा स्थिरता को कमजोर करना था। डॉ. अल शम्सी ने बताया कि लोक अभियोजन (पब्लिक प्रॉसिक्यूशन) ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश जारी किया गया है। ऐसी गतिविधियों को गंभीर अपराध माना जा रहा है, जिसमें कम से कम एक साल की जेल और 1 लाख दिरहम (लगभग 22 लाख रुपये) का जुर्माना हो सकता है। यूएई सरकार ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव का फायदा उठाकर गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।