1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. Israel US Iran War से जुड़ी भ्रामक VIDEO शेयर करने पर UAE ने 10 लोगों पर किया मुकदमा, हो सकती है ये सजा

Israel US Iran War से जुड़ी भ्रामक VIDEO शेयर करने पर UAE ने 10 लोगों पर किया मुकदमा, हो सकती है ये सजा

 Published : Mar 15, 2026 02:59 pm IST,  Updated : Mar 15, 2026 03:02 pm IST

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने इजरायल-ईरान और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के दौरान दुबई का भ्रामक वीडियो जारी करने के आरोप में 10 लोगों पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।

UAE एयरपोर्ट के पास ईरान के हमले के बाद उठता काला धुआं। - India TV Hindi
UAE एयरपोर्ट के पास ईरान के हमले के बाद उठता काला धुआं। Image Source : AP

दुबई: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते संयुक्त अरब अमीरात पर भी अमेरिकी ठिकानों को लक्ष्य बनाकर हमले जारी हैं। ईरान यूएई में अमेरिकी लक्ष्यों को लगातार टारगेट कर रहा है। इस युद्ध के कारण क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप प्रसारित करने के आरोप में विभिन्न देशों के 10 नागरिकों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया है।  

यूएई के अटार्नी जनरल ने की कार्रवाई

देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'वाम' (WAM) के अनुसार यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय घटनाक्रमों के चलते डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी के बाद यह कदम उठाया गया।  अटॉर्नी जनरल ने आरोपियों की राष्ट्रीयता का खुलासा नहीं किया, लेकिन स्पष्ट किया कि इन लोगों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके बनाए गए फर्जी वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर फैलाए, जिनमें यूएई के विभिन्न इलाकों में विस्फोट, प्रमुख स्थलों पर हमले या धुएं के साथ बड़ी आग लगने का झूठा दावा किया गया था।  

कई वीडियो को यूएई के सैन्य ठिकाने होने का किया दावा

कुछ वीडियो में यूएई के सैन्य ठिकानों के नष्ट होने का दावा किया गया था, जबकि ये घटनाएं अन्य देशों की थीं। इनका मुख्य उद्देश्य जनता को गुमराह करना, भय फैलाना और राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यवस्था तथा स्थिरता को कमजोर करना था।  डॉ. अल शम्सी ने बताया कि लोक अभियोजन (पब्लिक प्रॉसिक्यूशन) ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश जारी किया गया है।  ऐसी गतिविधियों को गंभीर अपराध माना जा रहा है, जिसमें कम से कम एक साल की जेल और 1 लाख दिरहम (लगभग 22 लाख रुपये) का जुर्माना हो सकता है। यूएई सरकार ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव का फायदा उठाकर गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश