पीठ दर्द को ज्यादातर लोग दर्द नहीं, आदत समझ लेते हैं और यहीं सबसे बड़ी गलती होती है क्योंकि जब पीठ का दर्द पुराना हो जाता है तो मामला सिर्फ मांसपेशियों, नसों या हड्डियों तक सीमित नहीं रहता। ये दर्द आपके दिमाग के काम करने का अंदाज भी बदलने लगता है। दुनिया भर में करीब 60 करोड़ लोग पीठ दर्द से जूझ रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, जब बैक पेन लंबे समय तक बना रहता है, तो शरीर के टिशू ठीक होने के बाद भी दिमाग को दर्द के सिग्नल भेजता रहता है। कभी-कभी दर्द, पीठ में कम और दिमाग पर ज्यादा गहरा असर करता है। तो बाबा रामदेव से जानें कैसे पीठ को मूवमेंट दें।
स्पॉन्डिलाइटिस में रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) के वर्टिब्रा में सूजन आ जाती है, जिससे रीढ़ में तेज दर्द होता है और गंभीर स्थिति में लंग्स व हार्ट पर भी दबाव पड़ सकता है।
कमर दर्द से बचने के लिए लैपटॉप को गोद में रखकर काम न करें, डेस्क या मेज का इस्तेमाल करें, काम करते समय पैर जमीन पर टिकाकर रखें, कमर सीधी रखें और कंधे न झुकाएं, साथ ही हर 1 घंटे में 5 मिनट का ब्रेक लेकर सूक्ष्म व्यायाम करें।
साइटिका के दर्द से राहत पाने के लिए गर्म हल्दी-दूध में शहद मिलाकर पिएं, हल्दी-नारियल का पेस्ट लगाएं, शहद डालकर अदरक की चाय पिएं और तिल के तेल से हल्की मसाज करें।
कंधे के दर्द से राहत पाने के लिए हल्दी-दूध में शहद मिलाकर पीएं, हल्दी का पेस्ट नारियल तेल में मिलाकर लगाएं, शहद-अदरक की चाय का सेवन करें और गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर सिकाई या धोएं
सर्वाइकल पेन से राहत पाने के लिए बैठते समय गर्दन को सीधा रखें, बहुत नर्म गद्दे की बजाय तख्त या सख्त बिस्तर पर सोएं और अपनी डाइट में विटामिन-D व कैल्शियम से भरपूर चीज़ें शामिल करें।
हल्दी वाला दूध, सेब का सिरका गुनगुने पानी में, अदरक-दालचीनी-शहद की चाय, गिलोय का काढ़ा, हरसिंगार के फूल का रस, निर्गुंडी और एलोवेरा का जूस हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
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