Chanakya Niti: चाणक्य नीति के अनुसार आपकी कुछ आदतें आपको अपने करीबियों से दूर कर सकती हैं। इन आदतों की वजह से हर कोई आपसे दूरी बनाने लगता है और आप भीड़ के बीच रहकर भी अकेले पड़ जाते हैं। ये आदतें अगर आपके अंदर भी हैं तो इनमें तुरंत आपको सुधार करना चाहिए। ऐसा न करने पर आप भी अपनों को खो सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं इन आदतों के बारे में।
स्वार्थी स्वभाव
चाणक्य नीति शास्त्र में बताते हैं कि जो लोग स्वार्थ के चलते रिश्ता बनाते हैं उनका रिश्ता आज नहीं तो कल टूट जाता है। रिश्तों में स्वार्थ आपके अपनों को भी आप से दूर कर सकते हैं। इसलिए किसी भी रिश्ते की नींव स्वार्थ पर नहीं टिकी होनी चाहिए।
संवाद की कमी
जिन रिश्तों में संवाद यानि वार्तालाप की कमी होती है वो रिश्ते भी टूट जाते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि रिश्तों को सफल बनाने के लिए दूसरों की सुनना और उनको समझना भी बेहद जरूरी होता है। अगर आप दूसरों को बिना सुने, बिना समझे बस खुद के बारे में ही बातें करते रहेंगे तो रिश्ते टूट सकते हैं।
क्रोध
क्रोध को आचार्य चाणक्य उस आग की तरह बताते हैं जो दूसरे को जलाने से पहले आपको जला देती है। क्रोध की अग्नि बने-बनाए रिश्तों को भी जला सकती है। इसलिए किसी भी रिश्ते को मजबूत करने के लिए आपको क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए। क्रोध आए भी तो आपके हावभाव ऐसे नहीं होने चाहिए जो अपनों को आपसे दूर कर दें।
अहंकार तोड़ता है रिश्ते
अहंकार अगर आप पर हावी रहता है तो आपसे लोग हमेशा दूरी बनाते हैं। खुद को दूसरों से श्रेष्ठ समझना और अपनी तारीफें करते रहना चाणक्य के अनुसार गलत आदत है। यह आदत आपके करीबियों को आपसे बहुत दूर ले जाती है। वहीं अगर आप जमीन से जुड़े रहते हैं तो लोग आपके करीब खुद आ जाते हैं।
कभी न करें विश्वासघात
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि भरोसा कांच की तरह होता है एक बार अगर ये टूट जाए तो रिश्ते में दरार आ जाती है जो कभी ठीक नहीं होती। विश्वासघात करने वाले के करीब भी कोई नहीं रहना चाहता और ऐसे लोग भी भीड़ में रहकर भी अकेले पड़ जाते हैं। इसलिए रिश्तों को मजबूत करना है तो आपको कभी भी किसी के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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