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Israel US Iran War: अमेरिका ने ईरान पर छोड़ा परमाणु बम गिराने में सक्षम बी-52 बॉम्बर, जानें ये है कितना खतरनाक

 Published : Mar 15, 2026 03:49 pm IST,  Updated : Mar 15, 2026 03:49 pm IST

Israel US Iran War: अमेरिका ने ईरान पर परमाणु बम गिराने में सक्षम बी-52 बॉम्बर रवाना कर दिया है। ये बहुत ही घातक हमले करने के लिए जाने जाते हैं।

अमेरिका के बी-52 बॉम्बर्स।- India TV Hindi
अमेरिका के बी-52 बॉम्बर्स। Image Source : AP

Israel US Iran War: इजरायल और अमेरिका का ईरान के साथ चल रहा युद्ध लगातार घातक होता जा रहा है। ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी वायुसेना ने अपने सबसे पुराने, लेकिन सबसे घातक स्ट्रैटेजिक बॉम्बर बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस (B-52H Stratofortress) को सक्रिय रूप से तैनात कर दिया है। यह बॉम्बर 1950 के दशक से अमेरिका की सेवा में है, लेकिन आधुनिक अपग्रेड के साथ आज भी अमेरिका की परमाणु त्रयी (Nuclear Triad) का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

क्या है बी-52 बॉम्बर की प्रमुख खासियत

  1. बी-52 परमाणु बम और परमाणु क्रूज मिसाइलें (जैसे AGM-86 ALCM) ले जाने में सक्षम है। 
  2. यह अमेरिका की परमाणु निरोधक रणनीति का एयर-बेस्ड हिस्सा है, जो जमीन, समुद्र और हवा से परमाणु हमला करने की ताकत देता है। 
  3. ईरान युद्ध में अब तक केवल पारंपरिक (conventional) हथियारों का इस्तेमाल हुआ है, लेकिन इसकी परमाणु क्षमता इसे "डूम्सडे बॉम्बर" का दर्जा देती है।
  4. इसकी पेलोड क्षमता लगभग 70,000 पाउंड है। यानी यह 32 टन तक हथियार ले जा सकता है। इसमें प्रेसिजन-गाइडेड बम, क्रूज मिसाइलें, माइंस और अन्य मुनिशन शामिल हैं।
  5. यह 14,000 किमी से ज्यादा की रेंज में 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। 
  6. यह दूर से स्टैंड-ऑफ हमले कर सकता है। यानी यह दुश्मन के एयरस्पेस में गहराई तक घुसे बिना हमले कर सकता है।
  7. फरवरी 28 से ईरान के साथ शुरू हुए ऑपरेशन में बी-52 ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, कमांड एंड कंट्रोल पोस्ट्स और अन्य स्ट्रैटेजिक ठिकानों पर हमले किए। 
  8. मार्च में अब तीन बी-52 ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड बेस पर तैनात किए गए, जहां से वे ईरान पर हमलों के लिए उड़ान भर रहे हैं। 
  9. CENTCOM के अनुसार, पहले 100 घंटों में 2,000 से ज्यादा टारगेट्स पर हमले हुए, जिसमें बी-52, बी-1 और बी-2 बॉम्बर शामिल थे।

कितना खतरनाक है?

बी-52 की ताकत सिर्फ परमाणु नहीं, बल्कि इसकी विश्वसनीयता और बड़े पैमाने पर हमले की क्षमता में है। ईरान के एयर डिफेंस को पहले ही कमजोर कर दिया गया है, जिससे बी-52 जैसे बड़े बॉम्बर बिना ज्यादा जोखिम के गहरे हमले कर सकते हैं। अगर युद्ध परमाणु स्तर तक पहुंचा, तो यह दुनिया के लिए तबाही ला सकता है, लेकिन फिलहाल अमेरिका ने पारंपरिक हमलों पर फोकस किया है। ईरान के मिसाइल और कमांड सेंटर को नष्ट करने के लिए इसका इस्तेमाल हो रहा है। यह बॉम्बर अमेरिकी वायु शक्ति का प्रतीक है, जो दशकों पुराना होने के बावजूद आज भी दुश्मनों के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।

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