Basant Panchami 2026: हर साल माघ माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन विद्या और कला की देवी सरस्वती जी की पूजा का विधान है। इसलिए बसंत पंचमी के दिन को सरस्वती पूजा के साथ ही श्री पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मुख्य रूप से काशी में देवी सरस्वती के दर्शन-पूजन किये जाने की परंपरा है। आपको बता दें कि बसंत पंचमी से वसंतोत्सव की शुरुआत होती है। ये वसंतोत्सव होली तक चलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बसंत पंचमी के ही दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की भी रचना की थी। इसलिए बसंत पंचमी नये कार्यों की शुरुआत करना अच्छा माना जाता है। बसंत पंचमी का दिन साल सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। अबूझ मुहूर्त कोई भी शुभ कार्यों को करने के लिए बहुत ही उत्तम माना जाता है। इस मुहूर्त में शुभ कार्य करना फलदायी होता है। तो आइए जानते हैं कि बसंत पंचमी के दिन किन-किन कामों को किया जा सकता है।
इन कामों के लिए बसंत पंचमी का दिन होता है बेहद शुभ
- नई विद्या आरंभ करना
- नया काम शुरू करना
- बच्चों का मुंडन संस्कार
- अन्नप्राशन संस्कार
- गृह प्रवेश या अन्य कोई शुभ काम करना बड़ा ही अच्छा माना जाता है।
अन्नप्राशन संस्कार
जो लोग अपने छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार करवाना चाहते हैं, वो बसंत पंचमी के दिन कर सकते हैं। दरअसल आपको बता दें कि जो बच्चे अभी तक केवल अपनी माता का दूध पीते हैं, लेकिन अब आप उन्हें अन्न खिलाना शुरू करना चाहते हैं, तो बसंत पंचमी का दिन बहुत ही उत्तम है। बसंत पंचमी के दिन दूध चावल की खीर बनाकर सबसे पहले देवी सरस्वती को उसका भोग लगाएं। फिर बच्चे को नये कपड़े पहनाकर, लकड़ी की चौकी पर बिठाकर, चांदी की कटोरी में चांदी की चम्मच से घर के बड़े-बुजुर्ग अपने हाथ से बच्चे को खीर खिलाएं। अगर चांदी की कटोरी और चम्मच में खिलाना संभव न हो तो घर में मौजूद स्टील की कटोरी, चम्मच से भी खिला सकते हैं।
बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का महत्व
बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व है। पीला रंग मां सरस्वती को प्रिय है। इस दिन घर में पीले चावल बनाने का, पीले कपड़े पहनने का अधिक महत्व है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के नए कपड़े पहनना हर तरह से शुभ ही शुभ है। इसी के साथ पीले रंग का तिलक लगाने से मन शांत रहते हैं। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा को पीले रंग की साड़ी या चुनरी, पीले रंग के अक्षत, पीले फूल और पीले रंग की मिठाई अर्पित करें।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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