आंवला सेहत का खजाना माना जाता है। यह एक ऐसा सुपरफूड है जिसका इस्तेमाल सर्दियों में खूब किया जाता है। आंवला विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी, डाइजेशन, स्किन, बालों और आंखों के लिए फायदेमंद है, साथ ही इसमें कैलोरी और फैट भी कम होता है। हालांकि, लोग आंवले को ऐसे नहीं खा पाते हैं। इसलिए इसका अलग अलग फॉर्म में सेवन किया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इसे किस रूप में खाना ज़्यादा फायदेमंद होता है। जूस, कैंडी या मुरब्बा? आपकी सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प कौन-सा है, चलिए जानते हैं।
कैसे करना चाहिए आंवला का सेवन?
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आंवला जूस: आंवला जूस विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, लिवर को डिटॉक्स करने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और बालों का झड़ना रोकने में मदद करता है। इसे सुबह खाली पेट पीना सबसे अच्छा है ताकि पोषक तत्व खून में जल्दी अवशोषित हो सकें, और घर का बना ताजा जूस पैकेट वाले से बेहतर होता है।
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आंवला कैंडी: आंवला कैंडी बच्चों को पसंद आती है क्योंकि यह स्वादिष्ट होती है, लेकिन इसमें चीनी ज़्यादा होने से पोषण कम हो सकता है, इसलिए इसे कभी-कभी या मीठे का स्वस्थ विकल्प के तौर पर खाना अच्छा है।
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आंवला मुरब्बा: आंवला मुरब्बा का स्वाद बेहद लाजवाब लगता है। यह ज़्यादा समय तक खराब नहीं होता। इसका इस्तेमाल स्प्रेड या साइड डिश के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसमें चीनी की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है जो सेहत के लिए सही नहीं है। खासकर, डायबिटीज़ के मरीज़ों का इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
तो, अगर सेहत के लिहाज से देखें तो आंवला जूस सबसे ज़्यादा फायदेमंद है। इसलिए आप अपनी डाइट में आंवला मुरब्बा या आंवला कैंडी की जगह आंवला जूस का सेवन करें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)