1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. मुंबई में महिला कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा का ऐलान, जानें क्या होगी इसकी खासियत

मुंबई में महिला कर्मचारियों के लिए ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा का ऐलान, जानें क्या होगी इसकी खासियत

 Edited By: Subhash Kumar
 Published : Mar 11, 2026 06:30 am IST,  Updated : Mar 11, 2026 11:56 am IST

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने विधान परिषद में घोषणा की है कि मुंबई महानगर क्षेत्र में महिला सरकारी कर्मचारियों को ‘कम अर्ली–गो अर्ली’ सुविधा मिलेगी। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, अवसर और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया है।

sunetra pawar mumbai women- India TV Hindi
सुनेत्रा पवार ने महिलाओं को दिया बड़ा तोहफा। Image Source : PTI

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने मंगलवार को मुंबई महानगर क्षेत्र में कार्यरत महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए “कम अर्ली–गो अर्ली” सुविधा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसा समाज बनाने के संकल्प को और मजबूत करना जरूरी है, जहाँ महिलाओं को सम्मान, समान अवसर और सुरक्षा सुनिश्चित हो। बता दें कि सुनेत्रा पवार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधान परिषद में हुई विशेष चर्चा का उत्तर दे रही थीं।

क्या है कम अर्ली–गो अर्ली व्यवस्था?

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बताया कि “कम अर्ली–गो अर्ली” व्यवस्था के तहत मुंबई महानगर क्षेत्र की महिला कर्मचारी सुबह 9:15 से 9:45 बजे के बीच कार्यालय में पहले आकर काम शुरू कर सकेंगी। जितने मिनट वे पहले काम शुरू करेंगी, उतने ही मिनट उन्हें शाम को कार्यालय से पहले निकलने की अनुमति दी जाएगी। इस प्रकार उन्हें अधिकतम 30 मिनट तक की छूट मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पीक आवर के दौरान महिलाओं को होने वाली यात्रा संबंधी असुविधा कम होगी और उन्हें काफी राहत मिलेगी।

राज्यभर में 42,594 बच्चों का पता लगाया गया

विधान परिषद में चर्चा में भाग लेने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। सरकार इन सभी सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार कर आवश्यक कदम उठाएगी। महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में उन्होंने बताया कि लापता बच्चों को खोजने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अभियान के तहत जुलाई 2015 से फरवरी 2026 के बीच 14 अभियान चलाए गए, जिनके माध्यम से राज्यभर में 42,594 बच्चों का पता लगाया गया। इसके अलावा ‘ऑपरेशन शोध’ अभियान के माध्यम से 5,066 महिलाओं और 2,771 बच्चों को खोजा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में ‘मिसिंग सेल’ कार्यरत हैं, जबकि महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान के लिए 51 ‘भरोसा सेल’ स्थापित किए गए हैं।

सुनेत्रा पवार ने किया योजनाओं का उल्लेख

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए सुनेत्रा पवार ने लाडकी बहिन, नमो महिला सशक्तिकरण, लेक लाडकी, अन्नपूर्णा और लखपति दीदी जैसी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उमेद मॉल, उमेद मार्ट और महालक्ष्मी सरस जैसे उपक्रम चलाए जा रहे हैं तथा इन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया गया है।

साइबर अपराधों को रोकने के लिए विशेष व्यवस्था

आंगनवाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं के मानदेय तथा बुनियादी सुविधाओं के मुद्दे पर सुनेत्रा पवार ने कहा कि सरकार इस विषय में सकारात्मक दृष्टिकोण रखती है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के 17,254 आंगनवाड़ी केंद्रों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ाया जा रहा है। इस दिशा में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, चर्चगेट रेलवे स्टेशन और बोरीवली रेलवे स्टेशन पर साइबर अपराधों को रोकने के लिए विशेष व्यवस्था स्थापित की गई है।

180 दिनों की मातृत्व अवकाश की मंजूरी

उन्होंने बताया कि महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए 180 दिनों की मातृत्व अवकाश की मंजूरी दी गई है। इसके बाद आवश्यकता होने पर महिलाएं बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के अधिकतम एक वर्ष तक आधे वेतन पर अवकाश भी ले सकती हैं। राज्य में चौथी महिला नीति लागू की गई है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

डिप्टी सीएम ने किया आदिशक्ति अभियान का उल्लेख

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए ‘आदिशक्ति अभियान’ चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बाल विवाह को रोकना, अत्याचारमुक्त गांव बनाना और लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर कम करना है। सुनेत्रा पवार ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, महिला किसानों और कामगारों के लिए विशेष उपायों तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दे रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए जिजाबाई, सावित्रीबाई फुले, अहिल्याबाई होलकर और महारानी ताराबाई के कार्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानसिक सशक्तिकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

ये भी पढ़ें- राज्यसभा चुनाव: शरद पवार, आठवले, तावड़े समेत 7 लोग महाराष्ट्र से निर्विरोध निर्वाचित

किसानों के लिए 'कर्जमाफी' और जारी रहेगी 'लाडकी बहिण योजना', महाराष्ट्र के लोगों को सीएम फडणवीस का बड़ा ऐलान

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।