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Panchak March 2026: मार्च में चैत्र नवरात्रि से पहले शुरू होने जा रहा पंचक, यहां जानें इस अशुभ समय में क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Mar 10, 2026 09:47 pm IST,  Updated : Mar 10, 2026 09:47 pm IST

Panchak March 2026: पंचक में ऐसे कई काम जो नहीं किए जाते हैं। कहा जाता है कि पंचक में इन कामों को करने से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। तो आइए जानते हैं कि मार्च में पंचक कब से शुरू होगा।

मार्च 2026 पंचक- India TV Hindi
मार्च 2026 पंचक Image Source : INDIA TV

March 2026 Panchak Date: हिंदू धर्म में पंचक को अशुभ दिनों में से एक माना गया है। इस दिन दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य करना पूरी तरह से वर्जित होता है। पंचक हर महीने आता है, जो कि पूरे पांच दिनों तक रहता है। आपको बता दें कि धनिष्ठा से लेकर रेवती तक के पांच नक्षत्रों को पंचक नक्षत्र कहा जाता है। पंचक की श्रेणी में धनिष्ठा पहला पंचक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा का गोचर घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती में होता है तो पंचक लगता है। इसके अलावा कुंभ और मीन राशि में भी चंद्रमा का गोचर होता है तो पंचक लग जाता है। पंचक का समय 5 दिनों का होता है, जिसे ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। तो आइए यहां जानते हैं कि मार्च में पंचक किस दिन से लगने जा रहा है और यह कौनसा पंचक होगा। इसके साथ ही जानेंगे कि पंचक के दौरान कौनसे कामों को करने की मनाही होती है।

मार्च 2026 में पंचक कब से लग रहा है?

मार्च में चैत्र नवरात्रि से पहले पंचक लग जाएगा। आपको बता दें कि इस साल चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है। 16 मार्च, सोमवार को शाम 6 बजकर 14 मिनट से पंचक का आरंभ होगा। पंचक का समापन 20 मार्च को देर रात 2 बजकर 28 मिनट पर होगा। 

मार्च में लगने वाला पंचक कौन सा होगा?

बता दें कि पंचक कई प्रकार के होते हैं। सप्ताह के दिन के हिसाब से पंचक की शुभता और अशुभता तय की जाती है। मार्च में शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक होगा। सोमवार को शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक कहा जाता है। इस पंचक को शुभ माना गया है लेकिन फिर भी मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। आपको बता दें कि शनिवार को शुरू होना वाला सबसे अधिक अशुभ माना गया है। शनिवार से शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहा जाता है। शास्त्रों में इस पंचक को बेहद कष्टकारी माना गया है। मृत्यु पंचक के दौरान जोखिम भरे काम नहीं करने की सलाह दी जाती है।

पंचक के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?

  • पंचक के दौरान घर में लकड़ी का कार्य नहीं करना चाहिए।
  • पंचक में लकड़ी इकट्ठी करनी चाहिए। पंचक में लकड़ी इक्ट्ठा करना अच्छा नहीं माना जाता है।
  • पंचक में घर की छत नहीं लगवानी चाहिए।
  • पंचक में  लकड़ी की चारपाई या पलंग नहीं बनवाना चाहिए।
  • पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • पंचक में घर का निर्माण नहीं करना चाहिए और न ही घर पर छत डलवाना चाहिए।
  • पंचक के दौरान गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
  • पंचक के दौरान शादी, विवाह, सगाई, मुंडन, नामकरण, नई वधू का गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए।

पंचक के दौरान क्या करना चाहिए?

  • पंचक में हनुमान जी की आराधना करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • पंचक में गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन और फल का दान करें।
  • पंचक में अगर दक्षिण दिशा की यात्रा करना जरूरी है तो हनुमान चालीसा का पाठ करें और फिर उत्तर दिशा में कुछ कदम चलकर यात्रा शुरू करें।
  • पंचक में तुलसी पूजन भी फलदायी होता है।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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