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'शादी से पहले किसी पर भी भरोसा मत करो', सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ऐसी बात?

 Edited By: Subhash Kumar
 Published : Feb 16, 2026 09:38 pm IST,  Updated : Feb 16, 2026 10:04 pm IST

शादी से पहले शारीरिक संबंधों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि शादी से पहले किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि कोर्ट ने किस बारे में सुनवाई के दौरान ये बात कही है।

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शादी से पहले शारीरिक संबंध पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी। Image Source : PTI

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शादी का झूठा वादा करके रेप के मामले के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि शादी से पहले लड़का-लड़की पूरी तरह से अजनबी होते हैं। इसलिए उन्हें शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने में सतर्कता बरतनी चाहिए। कोर्ट ने ये भी कहा कि शादी से पहले किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

कोर्ट ने क्या कहा?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ शादी का झांसा देकर रेप करने के एक मामले के आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिकायतकर्ता महिला से पूछा कि वह शारीरिक संबंध बनाने के लिए दुबई तक क्यों गई थी। कोर्ट ने कहा- "ये आपस की सहमति से होता है। हम भले ही पुराने ख्याल के हों, लेकिन विवाह से पूर्व युवक और युवती एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी होते हैं। विवाग से पहले उन्हें शारीरिक संबंध बनाने में सतर्कता बरतनी चाहिए।" मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने कहा- "युवक-युवती के रिश्ते में जो भी उतार-चढ़ाव हों, हम ये नहीं समझ पा रहे हैं कि वे विवाह से पहले शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं। ऐसा हो सकता है कि हम पुराने ख्यालों के हों, लेकिन आपको काफी सतर्क होना चाहिए।"

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि यह मामला आपसी सहमति से बने संबंध का दिखता है। उन्होंने कहा कि इसे मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा। ये ऐसे मामले नहीं हैं जिनमें सहमति से संबंध होने पर केस चले और सजा दी जाए। जस्टिस नागरत्ना ने आरोपी के वकील को कहा कि महिला को मुआवजा देकर मामले को खत्म किया जाए। कोर्ट ने महिला के वकील को भी समझौते की संभावना तलाशने को कहा है और मामले में अगली सुनवाई बुधवार को तय की है।

समझें पूरा मामला

शिकायकर्ता महिला ने दावा किया है कि आरोपी युवक के कहने पर वह दुबई गई थी। वहां पर युवक ने कथित रूप से शादी का झूठा वादा किया और महिला के साथ में शारीरिक संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि युवक ने बिना किसी अनुमति के उसके अंतरंग वीडियो बनाए और धमकी भी दी कि वह इसे वायरल कर देगा। महिला ने आरोप लगाया है कि बाद में उसे ये बात मालूम लगी कि युवक ने साल 2024 के जनवरी महीने में पंजाब में दूसरी महिला से शादी कर ली थी। मामले में दिल्ली हाई कोर्ट और निचली अदालत ने युवक की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने युवक की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्ट्या या संकेत मिल रहा है कि शादी का वादा शुरुआत से ही झूठा था। खास तौर पर इस वजह से क्योंकि युवक पहले से ही शादीशुदा था और उसने 19 जनवरी, 2024 को दोबारा शादी कर ली थी। इसके बाद युवक ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। (इनपुट: भाषा)

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