आषाढ़ महीना लगने के साथ ही श्रावण महीने को लेकर सर्च शुरू हो गई है। दरअसल सावन महीना आषाढ़ के बाद ही पड़ता है। इस पवित्र महीने का शिव भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। इस महीने में श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगवान शिव की उपासना करते हैं। जो लोग पूरे महीने उपवास नहीं रख सकते वे सावन सोमवार और शिवरात्रि का व्रत तो जरूर ही रहते हैं। मान्यताओं अनुसार सावन में पड़ने वाले सोमवार और शिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस दौरान सच्चे मन से भगवान शिव की भक्ति करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। चलिए आपको बताते हैं इस साल सावन महीना कब से कब तक रहेगा और सावन शिवरात्रि कब पड़ेगी।
सावन महीना 2026 (Sawan 2026 Start And End Date)
सावन महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगा। बता दें सावन हिंदू कैलेंडर का पांचवां महीना होता है जिसकी शुरुआत सावन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो जाती है। वहीं नेपाल, उत्तराखण्ड और हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में ये पावन महीना कर्क संक्रांति से शुरू होता है।
सावन शिवरात्रि कब है 2026 (Sawan Shivratri 2026 Date)
सावन महीने की शिवरात्रि 11 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त देर रात 12:05 से 12:48 बजे तक रहेगा। वहीं शिवरात्रि व्रत का पारण12 अगस्त की सुबह 05:49 बजे के बाद किया जा सकेगा। शिवरात्रि पर रात्रि के चारों प्रहर की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। चलिए जानते हैं चार प्रहर की पूजा का समय...
- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय - 07:04 PM से 09:45 PM
- रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय - 09:45 PM से 12:26 AM, अगस्त 12
- रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय - 12:26 AM से 03:07 AM, अगस्त 12
- रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय - 03:07 AM से 05:49 AM, अगस्त 12
सावन सोमवार 2026 डेट्स (Sawan Somwar 2026 Dates)
- प्रथम श्रावण सोमवार व्रत - 3 अगस्त 2026
- द्वितीय श्रावण सोमवार व्रत - 10 अगस्त 2026
- तृतीय श्रावण सोमवार व्रत - 17 अगस्त 2026
- चतुर्थ श्रावण सोमवार व्रत - 24 अगस्त 2026
श्रावण महीने में पड़ने वाले त्योहार
श्रावण मास में सावन सोमवार, मंगला गौरी व्रत, कामिका एकादशी, हरियाली अमावस्या, सावन शिवरात्रि, श्रावणी तीज, नाग पंचमी, रक्षाबंधन, श्रावण पुत्रदा एकादशी आदि बड़े त्योहार पड़ते हैं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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