इन दिनों ढाबों और स्ट्रीट स्टॉल्स पर मिलने वाली 'कुल्हड़ वाली तंदूरी चाय' का क्रेज़ तेजी से बढ़ा है। इसकी खास पहचान है उसका स्मोकी फ्लेवर, जो हर घूंट के साथ अलग ही सुकून देता है। एक बार अगर आपने इसे चख लिया, तो यकीन मानिए बार-बार पीने की मांग खुद करने लगेंगे। चलिए जानते हैं कैसे बनाएं ढाबा स्टाइल कुल्हड़ वाली तंदूर चाय?
तंदूरी चाय का असली जादू उसके स्मोकी टेस्ट में छिपा है। आम चाय की तरह इसे सीधे कप में नहीं परोसा जाता, बल्कि पहले मिट्टी के कुल्हड़ को तंदूर या गैस पर तेज आंच में लाल होने तक गरम किया जाता है। जब उबलती हुई तैयार चाय इस गरम कुल्हड़ में डाली जाती है, तो अचानक उठता धुआँ और मिट्टी की खुशबू मिलकर उसे खास बना देते हैं। यही वह ट्रिक है, जिससे चाय को मिलता है ढाबा-स्टाइल धुएँदार स्वाद
सबसे पहले एक मोटा मिट्टी का कुल्हड़ लें और उसे सीधे गैस की आंच पर चिमटे की मदद से अच्छी तरह गरम करें। इस बात का ध्यान रहे कि कुल्हड़ अंदर तक तप कर लाल जाए।
दूसरी तरफ सामान्य तरीके से दूध, चायपत्ती, अदरक और इलायची डालकर चाय उबाल लें। कड़क चाय के लिए चाय पत्ती की मात्रा थोड़ी ज़्यादा रखें। जब चाय अच्छी तरह से उबल जाए तब गैस बंद कर दें।
अब इस उबलती चाय को सावधानी से गरम कुल्हड़ में डालें। जैसे ही चाय कुल्हड़ से टकराएगी, धुआँ उठेगा और वही तंदूरी फ्लेवर तैयार हो जाएगा। चाय को कुल्हड़ में डालते ही उसे किसी चीज से ढक दें। इससे स्मोकी फ्लवेर और बेहतर आता है
आप चाहें तो कुल्हड़ में चाय डालने के बाद वापस उसे पतीले में डालकर एक उबाल और दे सकते हैं, ताकि स्वाद और गाढ़ा हो जाए। लीजिए तैयार है आपकी कुल्हड़ वाली तंदूरी चाय। धुएँदार, सोंधी और दिल को खुश कर देने वाली।
संपादक की पसंद