गर्दन के पीछे लंबे समय से बना रहने वाला दर्द केवल सामान्य थकान या गलत तकिए का परिणाम नहीं होता। कई बार यह समस्या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी का संकेत हो सकती है। वैशाली स्थित मैक्स हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा, कहते हैं कि आजकल लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर पर झुके रहने, गलत बैठने की आदत और तनाव के कारण यह दर्द आम हो गया है। लेकिन यदि दर्द कई हफ्तों या महीनों से बना हुआ है, बार-बार बढ़ता है, या कंधों और हाथों तक फैलने लगता है, तो इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
गर्दन के पीछे लंबे समय से बना रहने वाला लगातार दर्द के साथ यदि हाथों में झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी, चक्कर आना या सिरदर्द भी हो, तो यह सर्वाइकल डिस्क स्लिप, नस दबने या स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं का संकेत हो सकता है। समय पर सही जांच और उपचार न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।
ऐसे में अनुभवी न्यूरोसर्जन से परामर्श लेना बेहद ज़रूरी है। न्यूरोसर्जन आधुनिक जांच जैसे एमआरआई या सीटी स्कैन के माध्यम से सही कारण का पता लगाते हैं और दवाइयों, फिजियोथेरेपी या आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी की सलाह देते हैं। शुरुआती अवस्था में इलाज करने से जटिलताओं से बचा जा सकता है और दर्द से जल्दी राहत मिलती है।
साथ ही, स्वयं दवा लेने या पर निर्भर रहने से समस्या दब तो सकती है, लेकिन जड़ से खत्म नहीं होती। बार-बार होने वाला दर्द भविष्य में नसों को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है। सही समय पर विशेषज्ञ से सलाह लेकर आप न केवल दर्द से राहत पा सकते हैं, बल्कि गंभीर जटिलताओं से भी बच सकते हैं।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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