भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को मजबूत और स्थिर रिटर्न दिए हैं। घरेलू संस्थागत निवेश (डीआईआई) में बढ़ोतरी, कंपनियों की बेहतर कमाई और रिटेल निवेशकों की सक्रिय भागीदारी ने बाजार की रफ्तार को मजबूती दी है। हालांकि, यह भी उतना ही सच है कि इंडेक्स में निवेश से बेहतर रिटर्न अक्सर उन निवेशकों को मिलता है, जो सही समय पर सही शेयर चुनने में सफल रहते हैं। एक पेनी स्टॉक है- पल्सर इंटरनेशनल, जो आज से 7 साल पहले 1 रुपये से भी कम के लेवल पर था, आज वह निवेशकों को धमाकेदार रिटर्न दे गया। मार्च 2019 में इस कंपनी का शेयर महज ₹0.070 पर ट्रेड कर रहा था। वर्तमान में यह बीएसई पर ₹1.02 के आसपास कारोबार कर रहा है। इसका मतलब है कि अगर किसी निवेशक ने सात साल पहले ₹1 लाख का निवेश किया होता और उसे होल्ड किया होता, तो उसकी रकम बढ़कर करीब ₹14.50 लाख से अधिक हो जाती।
पांच वर्षों में 920% का रिटर्न
पिछले पांच वर्षों में इस पेनी स्टॉक ने लगभग 920% का रिटर्न दिया है। वहीं 2019 में लिस्टिंग के बाद से अब तक इसमें 1,357% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है। ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के मुताबिक, शेयर लगातार छह वर्षों तक चढ़ता रहा, लेकिन 2025 में इसकी तेजी पर ब्रेक लग गया।
2025 से बदला ट्रेंड, निवेशकों को झटका
livemint के मुताबिक, जहां पहले यह शेयर लगातार ऊंचाइयां छू रहा था, वहीं 2025 में इसमें 89% की भारी गिरावट दर्ज की गई। गिरावट का सिलसिला 2026 में भी जारी है। 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर 42.37% टूट चुका है। 16 फरवरी को यह करीब 4.67% की गिरावट के साथ ₹1.02 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले एक महीने में 60% और छह महीनों में 50% से ज्यादा की गिरावट आई है। स्पष्ट है कि शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए यह स्टॉक बेहद अस्थिर साबित हुआ है।
Q3 FY26 नतीजे: कमाई में जबरदस्त उछाल
कंपनी ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे 14 फरवरी को जारी किए, जो आंकड़ों के लिहाज से काफी मजबूत रहे। कंपनी की Q3 FY26 में परिचालन आय बढ़कर ₹40 करोड़ रही। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹6.3 करोड़ थी। सालाना आधार पर करीब 535% की वृद्धि। तिमाही आधार (QoQ) पर 400% की बढ़त (Q2 FY26 में ₹8 करोड़)।
कंपनी का नेट प्रॉफिट
FY26 की तीसरी तिमाही में मुनाफा बढ़कर ₹3.29 करोड़ रहा। FY25 की तीसरी तिमाही में यह ₹0.66 करोड़ था। सालाना आधार पर 398% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तिमाही दर तिमाही आधार पर 1,728% की तेज छलांग (Q2 FY26 में ₹0.18 करोड़) लगाई है। कंपनी के नतीजे मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद शेयर में गिरावट जारी है, जो यह संकेत देता है कि बाजार सिर्फ आंकड़ों पर नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं और जोखिमों पर भी प्रतिक्रिया देता है।
निवेशकों के लिए जरूरी सबक
पेनी स्टॉक्स में तेज रिटर्न की संभावना जरूर होती है, लेकिन इनमें अस्थिरता भी अत्यधिक होती है। निवेशकों को कुछ प्रमुख सावधानियां बरतनी चाहिए। कंपनी के फंडामेंटल्स और प्रमोटर ट्रैक रिकॉर्ड की जांच करें। केवल सीमित पूंजी ही ऐसे हाई-रिस्क शेयरों में लगाएं। शॉर्ट टर्म की बजाय लॉन्ग टर्म नजरिया रखें।
स्टॉप लॉस और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन पर ध्यान दें
पल्सर इंटरनेशनल का सफर यह दिखाता है कि शेयर बाजार में मल्टीबैगर बनना संभव है, लेकिन उतनी ही तेजी से पूंजी में गिरावट भी आ सकती है। इसलिए समझदारी, धैर्य और संतुलित रणनीति ही सफल निवेश की कुंजी है।






































