भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ के चलते शेयर बाजार में काफी उठापटक देखने को मिल सकता है।
शेयर बाजार ने आज सुबह सत्र की शुरुआत लाल निशान में की थी। हालांकि बाद में बाजार काफी तेज चढ़ा और दिनभर के काफी उतार-चढ़ाव के बाद इस लेवल पर टिका।
ग्लोबल संक्तों के बीच शुरुआती सत्र में शेयर बाजार में आज दूसरे दिन भी गिरावट का ट्रेंड दिख रहा है। बीते सत्र में घरेलू शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट देखने को मिली थी।
19 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स ने 850 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज की, जबकि निफ्टी 50 ने दिन के दौरान 25,567.75 के इंट्राडे निचले स्तर तक गिरावट देखी। क्यों शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावट, जानिए वजह।
वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बीच 19 फरवरी को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। बीएसई सेंसेक्स 52.43 अंक की बढ़त के साथ 83,786.68 पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 26.35 अंक चढ़कर 25,845.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
ITC, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया और वीएसटी इंडस्ट्रीज के शेयर भाव में बुधवार को जोरदार बढ़त दर्ज की गई। बता दें, सरकार ने तम्बाकू प्रोडक्ट्स पर जीएसटी 28% से बढ़ाकर 40% कर दी है।
घरेलू शेयर बाजार में आज के कारोबार में निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में टाटा स्टील, एचडीएफसी लाइफ, आईटीसी, टाटा कंज्यूमर और एक्सिस बैंक शुमार रहे। सेक्टोरल मोर्चे पर आईटी सूचकांक पिछड़ गया।
बुधवार को सिगरेट कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बाद कंपनियों ने कीमतों में इजाफा किया और इसी के साथ बाजार में इन स्टॉक्स ने रफ्तार पकड़ ली। दिनभर के कारोबार में कुछ शेयरों में 16% तक की छलांग दर्ज की गई।
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को सीमित दायरे में लेकिन अच्छे संकेतों के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती सत्र में निफ्टी 25750 के आसपास खुला, जबकि सेंसेक्स में भी हल्की बढ़त देखने को मिली। हालांकि कुछ ही देर में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ 83,428 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा।
ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू शेयर मार्केट में तेजी दर्ज की गई। कारोबार के आखिर में बीएसई की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन बीते सत्र के लगभग ₹468.6 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग ₹470 लाख करोड़ हो गया।
घरेलू शेयर बाजार में आज कारोबार के दौरान चुनिंदा दिग्गज शेयरों में मजबूती देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) का प्रदर्शन मुख्य सूचकांकों की तुलना में कमजोर रहा।
₹1 से नीचे का कोई स्टॉक 7 साल में 1357% दे सकता है, लेकिन ऐसे मौके दुर्लभ और हाई रिस्क वाले होते हैं। पेनी स्टॉक्स में निवेश करने से पहले रिस्क मैनेजमेंट और डाइवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला हफ्ता उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद बाजार में सतर्कता का माहौल है और विश्लेषकों का मानना है कि स्पष्ट संकेत मिलने तक बड़ी रैली की उम्मीद कम है।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हाल की खरीदारी को वैश्विक वृहद चिंताओं में कमी, खासकर अमेरिका के नरम महंगाई आंकड़ों से समर्थन मिला है। इससे, एफपीआई की भारत समेत उभरते बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता बेहतर हुई है।
घरेल शेयर बाजार में लिस्टेड टॉप-5 आईटी कंपनियों के संयुक्त मार्केट कैप में इंट्राडे लो के आधार पर इस हफ्ते तेज गिरावट दर्ज की गई है।
13 फरवरी को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क तेजी से नीचे बंद हुए, और बड़े पैमाने पर बिकवाली के दबाव के बीच निफ्टी 50 25,500 के निशान से नीचे बंद हुआ। लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
शुक्रवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, दलाल स्ट्रीट पर घबराहट का माहौल बन गया। कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने बड़ी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। सेंसेक्स 755 अंकों से ज्यादा टूटकर 82,919 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 25,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
आज के कारोबार के आखिर में बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के ₹475 लाख करोड़ से घटकर ₹472 लाख करोड़ हो गया, जिससे इन्वेस्टर्स एक ही सेशन में लगभग ₹3 लाख करोड़ कम हो गए।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को टेक्नोलॉजी सेक्टर में ऐसी सुनामी आई, जिसने निवेशकों की नींद उड़ा दी। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4% से ज्यादा टूटकर चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया और महज एक दिन में आईटी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू से करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
ग्लोबल बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। गुरुवार, 12 फरवरी को दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में फिसल गए, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
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