भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला। कारोबार के दौरान कभी बाजार हरे निशान में दिखा तो कभी लाल निशान में फिसल गया। आखिरकार दिन के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी लगभग सपाट स्तर पर बंद हुए। हालांकि IT, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, लेकिन दूसरी ओर पावर, मीडिया और कैपिटल गुड्स सेक्टर्स में शानदार तेजी देखने को मिली।
मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार
कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 141.90 अंक यानी 0.19 फीसदी गिरकर 75,867.80 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 6.55 अंक यानी 0.03 फीसदी की मामूली कमजोरी के साथ 23,907.15 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा हलचल देखने को मिली, जहां 2168 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए जबकि 1877 शेयरों में गिरावट रही।
इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
निफ्टी पर हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी और Eternal जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर मेटल और पावर सेक्टर में निवेशकों ने जमकर दांव लगाया। वहीं दूसरी ओर ओएनजीसी, आईटीसी, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक और विप्रो जैसे दिग्गज शेयर दबाव में रहे। IT और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार की तेजी सीमित रही।
इन सेक्टर्स में आई जबरदस्त तेजी
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया, पावर और कैपिटल गुड्स इंडेक्स में करीब 3 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। ऑटो, मेटल और टेलीकॉम सेक्टर भी लगभग 1 फीसदी मजबूत होकर बंद हुए। हालांकि IT, FMCG, बैंकिंग और ऑयल एंड गैस सेक्टर में बिकवाली का असर साफ दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रही। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 फीसदी चढ़ा जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।
क्यों दबाव में रहा बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों का मूड खराब किया। साउथ ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद बाजार में वैश्विक अनिश्चितता बढ़ गई। इससे कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता फिर गहरा गई है। इसके अलावा एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। चीन और हांगकांग के बाजारों में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा।