लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में आखिरकार राहत देखने को मिली। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 49 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 74,608 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 33 अंक चढ़कर 23,412 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बढ़त बहुत बड़ी नहीं रही, लेकिन लगातार गिरावट के बाद बाजार में आई यह रिकवरी निवेशकों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।
मेटल शेयरों ने मचाया धमाल
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी मेटल सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा उछल गया। वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतों में तेजी आने से घरेलू मेटल कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। विशेषज्ञों के मुताबिक, अफ्रीका समेत कई क्षेत्रों में सप्लाई से जुड़ी चिंताओं और चीन में कॉपर की मजबूत मांग के कारण अंतरराष्ट्रीय धातु कीमतों में तेजी आई। इसका फायदा भारतीय मेटल कंपनियों के शेयरों को मिला।
ऑयल-गैस और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर भी चमके
मेटल सेक्टर के अलावा ऑयल एंड गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने गिरावट के बाद इन सेक्टरों में वैल्यू बायिंग की। दूसरी ओर आईटी और ऑटो सेक्टर बाजार पर दबाव बनाते नजर आए। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरा, जबकि ऑटो इंडेक्स में भी कमजोरी रही।
क्यों सुधरा शेयर बाजार?
बाजार में रिकवरी के पीछे कई अहम कारण रहे। पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 4 प्रतिशत तक टूट गए थे। ऐसे में निवेशकों ने सस्ते स्तर पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला। इसके अलावा एशियाई बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और चीन के बाजारों में तेजी रही, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
23,400 के स्तर ने दिया सहारा
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी को 23,400 के स्तर पर मजबूत तकनीकी सपोर्ट मिला। जैसे ही निफ्टी इस स्तर से ऊपर निकला, बाजार में नई खरीदारी देखने को मिली। एनालिस्ट के मुताबिक अगर निफ्टी 23,400 के ऊपर टिकता है, तो आने वाले दिनों में यह 23,500 से 23,600 तक जा सकता है।
निवेशकों में अब भी सावधानी
हालांकि बाजार में रिकवरी जरूर आई, लेकिन निवेशकों में अभी भी सतर्कता बनी हुई है। इंडिया VIX यानी बाजार की अस्थिरता दिखाने वाला इंडेक्स बढ़कर 19.42 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि ट्रेडर्स अभी भी बाजार को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।