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बदलते मौसम में क्यों बढ़ जाती है मसल्स में ऐंठन, यहां जानें मसल्स की कमजोरी कैसे करें दूर

 Written By: Pankaj Kumar, Edited By: Ritu Raj
 Published : Feb 17, 2026 08:40 am IST,  Updated : Feb 17, 2026 08:40 am IST

बदलते मौसम में लोगों का बीमार पड़ना आम बात है। इस मौसम में मसल्स पेन होना काफी बढ़ जाता है। कई बार शरीर में झुनझुनी और कमजोरी भी महसूस होती है। ऐसे में यहां जानेंगे कि मसल्स में ऐंठन की क्या वजह है और इनसे कैसे छुटकारा पाया जाए।

बदलते मौसम में क्यों बढ़ जाती है मसल्स में ऐंठन,- India TV Hindi
बदलते मौसम में क्यों बढ़ जाती है मसल्स में ऐंठन, Image Source : FREEPIK

आसमान एक ऐसा रहस्य खोलने जा रहा है जो हमें याद दिलाएगा हम सिर्फ धरती पर नहीं रहते, हम ब्रह्मांड का हिस्सा भी हैं। पिछले दिनों पृथ्वी के करीब आया धूमकेतु अब सूरज का चक्कर लगाकर अंतरिक्ष की गहराइयों में लौट रहा है और आज से अगले 15 दिनों तक आकाश में 'ग्रहों की दुर्लभ कतार' दिखाई देगी। बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि जैसे ब्रह्मांड खुद एक सीध में खड़ा हो गया हो। ये नजारा सिर्फ देखने का नहीं, समझने का है क्योंकि यूनिवर्स की हर हलचल हम पर कहीं ना कहीं असर डालती है। अंतरिक्ष की ये घटनाएं हमें बताती हैं कि प्रकृति में हर चीज एक रिद्म में चलती है और यही रिद्म मौसम पर भी असर डालता है और इसी बदलाव का असर सबसे पहले हमारे शरीर की नसों और मांसपेशियों पर दिखता है। 
 
आंकड़े बताते है कि ऐसे ट्रांजिशनल सीजन में ज्वाइंट्स और मसल्स के दर्द 30% तक बढ़ जाते हैं। टेम्परेचर और एटमॉस्फेरिक प्रेशर में बदलाव से नसों में झुनझुनी, खिंचाव और कमजोरी बढ़ती है यानि बाहर का मौसम बदलता है, तो शरीर के अंदर भी एक नई हलचल शुरू हो जाती है। और यही वजह है कि इन दिनों कई लोग सुबह उठते ही जकड़न, जल्दी थकान, या बेवजह शरीर भारी लगने की शिकायत करते हैं। ठंड में मांसपेशियां सिकुड़ती हैं लेकिन गर्मी की शुरुआत में डिहाइड्रेशन नसों के सिग्नल को धीमा कर देता है जिससे दर्द, ऐंठन और कमजोरी महसूस होती है। 
 
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक इस बदलते मौसम में ऑस्टियो-आर्थराइटिस, सायटिका और फाइब्रो-मायल्जिया जैसी परेशानियां ज्यादा उभरती हैं और यही वजह है कि अस्पतालों की ऑर्थो OPD में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तो आज जब ब्रह्मांड अपने रहस्यों की परतें खोल रहा है और ग्रहों की कतार हमें आसमान की ताकत दिखा रही है। तो ये समझना भी जरूरी है कि हमारी असली ताकत हमारी नसों की मजबूती और मांसपेशियों के लचीलेपन में छिपी है। क्योंकि ऊपर बदलता आसमान और नीचे बदलता मौसम दोनों मिलकर एक संदेश देते हैं। शरीर को समझिए उसके सिग्नल को सुनिए और बदलाव के साथ खुद को मजबूत बनाइए। 

मसल्स में ऐंठन की वजह

पानी की कमी।
मसल्स में ब्लड सप्लाई कम होना।    
मांसपेशियों के मूवमेंट पर असर। 
मसल्स में होती है ऐंठन। 
न्यूट्रिशंस की कमी। 
सोडियम,मैग्नीशियम, पोटेशियम की कमी।        
नसों-मसल्स में  कमजोरी।
लो बीपी।
                                        
मसल्स में दिक्कत होने की वजह
ब्लड फ्लो रुकने से मसल्स में दिक्कत होती है।
नसों पर दबाव पड़ने से भी होती है दिक्कत। 
पोषक तत्व की कमी से भी मसल्स में दिक्कत होती है। 
 
मसल्स की कमजोरी कैसे करें दूर ? 
रोजाना व्यायाम करें।
विटामिन-डी से भरपूर खाना खाएं। 
दिन में 4-5 लीटर पानी पीएं।
आंवले का सेवन करें 
 
नस-मांसपेशी मजबूत कैसे बनाएं
गिलोय। 
अश्वगंधा।
गुग्गुल।
गोखरू।
पुनर्नवा।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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