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सोमवती अमावस्या के दिन 4 मंत्रों का जप करने से दूर होंगे रोग-दोष, आर्थिक उन्नति के भी खुलेंगे द्वार

Written By: Naveen Khantwal
Published : Jun 13, 2026 07:52 pm IST,  Updated : Jun 13, 2026 07:52 pm IST
सोमवती अमावस्या 15 जून 2026 को है। इस दिन मलमास की भी समाप्ति होगी और मिथुन संक्रांति भी इस दिन रहेगी। ऐसे में इस दिन कुछ मंत्रों का जप करने से रोग-दोष से आपको मुक्ति मिल सकती है। साथ ही आपका आर्थिक पक्ष भी इन मंत्रों के जप से मजबूत होता है और पारिवारिक जीवन में भी खुशियां आती हैं।
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सोमवती अमावस्या 15 जून 2026 को है। इस दिन मलमास की भी समाप्ति होगी और मिथुन संक्रांति भी इस दिन रहेगी। ऐसे में इस दिन कुछ मंत्रों का जप करने से रोग-दोष से आपको मुक्ति मिल सकती है। साथ ही आपका आर्थिक पक्ष भी इन मंत्रों के जप से मजबूत होता है और पारिवारिक जीवन में भी खुशियां आती हैं।
अमावस्या के दिन को सभी नौ ग्रहों की शांति के लिए आपको भगवान शिव के मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से सभी नौ ग्रह शांत होते हैं और आपको रोग-दोष से मुक्ति मिलने के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में भी उन्नति प्राप्त होती है। इस मंत्र के जप से चंद्र और शनि दोष से भी आपको मुक्ति मिलती है।
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अमावस्या के दिन को सभी नौ ग्रहों की शांति के लिए आपको भगवान शिव के मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से सभी नौ ग्रह शांत होते हैं और आपको रोग-दोष से मुक्ति मिलने के साथ ही आर्थिक क्षेत्र में भी उन्नति प्राप्त होती है। इस मंत्र के जप से चंद्र और शनि दोष से भी आपको मुक्ति मिलती है।
सोमवती अमावस्या के दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपको 'ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः' मंत्र का जप करना चाहिए। आपको बता दें कि इस मंत्र का जप करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन की कई बड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
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सोमवती अमावस्या के दिन पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए आपको 'ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च। नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः' मंत्र का जप करना चाहिए। आपको बता दें कि इस मंत्र का जप करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन की कई बड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।
भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' का जप अगर आप सोमवती अमावस्या के दिन करते हैं तो अकाल मृत्यु के भय से आपको मुक्ति मिलती है। साथ ही रोग-दोष से भी आप मुक्त होते हैं।
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भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्' का जप अगर आप सोमवती अमावस्या के दिन करते हैं तो अकाल मृत्यु के भय से आपको मुक्ति मिलती है। साथ ही रोग-दोष से भी आप मुक्त होते हैं।
अगर आप आर्थिक उन्नति चाहते हैं और करियर क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो सोमवती अमावस्या के दिन महालक्ष्मी मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन पालिन्यै महालक्ष्म्यै अस्माकम् दारिद्र्य नाशय नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं नमः' का आपको जप करना चाहिए।
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अगर आप आर्थिक उन्नति चाहते हैं और करियर क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं तो सोमवती अमावस्या के दिन महालक्ष्मी मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन पालिन्यै महालक्ष्म्यै अस्माकम् दारिद्र्य नाशय नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं नमः' का आपको जप करना चाहिए।
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