1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Mithun Sankranti 2026: 15 जून को मिथुन संक्रांति पर रहेगा 6 घंटे 20 मिनट का पुण्य काल, इस दौरान स्नान-दान करने से जाग उठेगा भाग्य

Mithun Sankranti 2026: 15 जून को मिथुन संक्रांति पर रहेगा 6 घंटे 20 मिनट का पुण्य काल, इस दौरान स्नान-दान करने से जाग उठेगा भाग्य

 Written By: Naveen Khantwal
 Published : Jun 13, 2026 06:38 pm IST,  Updated : Jun 13, 2026 06:38 pm IST

Mithun Sankranti 2026: मिथुन संक्रांति 15 जून के दिन है इसके साथ ही इस दिन ज्येष्ठ अधिक अमावस्या भी रहेगी। इस दिन पुण्य काल के दौरान स्नान-दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति आपको हो सकती है।

Mithun Sankranti - India TV Hindi
मिथुन संक्रांति Image Source : MAGNIFIC

Mithun Sankranti 2026: मिथुन संक्रांति 15 जून 2026 को है। जब भी सूर्य देव राशि परिवर्तन करते हैं तो उस दिन को संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 15 जून को सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में गोचर करेंगे। इस दिन सोमवती अमावस्या भी है और साथ ही मलमाल की समाप्ति भी इस दिन होगी। ज्योतिष दृष्टि से 15 जून के दिन को बेहद शुभ माना जा रहा है। इस दिन पुण्य काल के दिन स्नान-दान और कुछ उपायों को करने से शुभ फलों की प्राप्ति भक्तों को हो सकती है। ऐसे में आइए जान लेते हैं कि मिथुन संक्रांति के दिन पुण्य काल का समय कब रहेगा और इस दिन क्या शुभ कार्य आपको करने चाहिए। 

मिथुन संक्रांति के दिन पुण्य काल

  • मिथुन संक्रांति- 15 जून 2026, सोमवार
  • पुण्य काल शुरू- दोपहर 12 बजकर 59 मिनट से 
  • पुण्य काल समाप्त- शाम 7 बजकर 19 मिनट पर
  • पुण्य काल का कुल समय- 6 घंटे 20 मिनट

आपको बता दें कि 15 जून को सूर्य 12 बजकर 59 मिनट पर ही मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और पुण्य काल की शुरुआत होगी। वहीं सूर्यास्त के साथ ही पुण्य काल समाप्त हो जाएगा। 

पुण्य काल में ये कार्य करना शुभ 

  • पुण्य काल के दौरान पवित्र नदियों में स्नान करने से देवी-देवताओं और पितरों की कृपा आपको प्राप्त होती है। पवित्र नदियों में स्नान के दौरान पितरों का स्मरण करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देने से पितरों का आशीर्वाद आप पा सकते हैं।
  • पवित्र नदियों में स्नान के दौरान सूर्य को अर्घ्य देने से कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है। 
  • इस दिन गुड़, तांबे के पात्र, गेहूं, वस्त्र, अन्न आदि का दान करने से भी महापुण्य आपको प्राप्त होता है। 
  • सूर्य संक्रांति की रात में किसी मंदिर या नदी में दीपदान करने से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। 
  • सूर्य संक्रांति के पुण्य काल के दौरान सूर्य ग्रह के मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जप करने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 
  • इन उपायों के साथ ही धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन और साथ ही योग-ध्यान करना भी इस दिन बेहद शुभ माना जाता है। 
  • इस दिन ध्यान करने से आपकी आध्यात्मिक उन्नति होती है और मानसिक रूप से आपको सुखद अनुभव प्राप्त होते हैं। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:

Kedar Yog: सोमवती अमावस्या पर केदार योग का शुभ संयोग, 3 राशियों पर बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।