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Bhaumvati Amavasya: पुण्यकारी मानी जाती है भौमवती अमावस्या, इन कामों को करने से धन-धान्य में होती वृद्धि, जानें स्नान-दान मुहूर्त

Written By: Vineeta Mandal Published : Feb 16, 2026 11:01 pm IST, Updated : Feb 16, 2026 11:01 pm IST

Bhaumvati Amavasya 2026: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सोमवार, मंगलवार या गुरुवार दिन पड़ने वाली अमावस्या विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है। मंगलवार को पड़ने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। यह अमावस्या अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

भौमवती अमावस्या 2026- India TV Hindi
Image Source : PEXELS भौमवती अमावस्या 2026

Falgun Amavasya 2026: 17 फरवरी को फाल्गुन महीने की स्नान-दान-श्राद्धादि की अमावस्या है। हिंदी संवत का आखिरी महीना फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। साथ ही मंगलवार को पड़ने की वजह से यह भौमवती अमावस्या कहलाएगी। शास्त्रों में फाल्गुन महीने में आने वाली इस अमावस्या को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करना शुभफल देने वाला होता है। फाल्गुन अमावस्या के दिन कई धार्मिक तीर्थों पर बड़े-बड़े मेलों का आयोजन भी किया जाता है।

भौमवती अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त

  • अमावस्या तिथि का आरंभ- 16 फरवरी को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर 
  • अमावस्या तिथि का समापन  17 फरवरी को सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर
  • ब्रह्म मुहूर्त- 05:26 ए एम से 06:16 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:29 पी एम से 01:16 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:48 पी एम से 03:34 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:37 पी एम से 07:02 पी एम
  • अमृत काल 10:39 ए एम से 12:17 पी एम

भौमवती अमावस्या का महत्व

हिंदू धर्म में भौमवती अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है।  मंगलवार को भौम कहते हैं, इसलिए इस दिन पड़ने वाली अमावस्या  भौमवती अमावस्या कहलाती है। यह दिन पितृ ऋण से मुक्ति और पूर्वजों के आशीर्वाद के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन बजरंगबली की उपासना करना अत्यंत ही फलदायी माना जाता है। भौमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान के अलावा हनुमान जी की पूजा करने से मंगल दोष से छुटकारा मिलता है साथ ही धन-धान्य में वृद्धि होती और कर्ज से भी मुक्ति मिलती है। 

भौमवती अमावस्या के दिन क्या करें

  • भौमवती अमावस्या के दिन स्नान के बाद सबसे पहले पितरों की पूजा करें।
  • भौमवती अमावस्या के दिन तर्पण, श्राद्ध और पिंडादान करें। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
  • भौमवती अमावस्या के दिन गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन, तिल और वस्त्र का दान करें।
  • भौमवती अमावस्या पर मंगल के बीज मंत्र या उससे जुड़ी वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। 
  • भौमवती अमावस्या के दिन हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान जी की पूजा करने से मंगल ग्रह दोष दूर होते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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