1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Surya Grahan Upay: मंगलवार को इतने बजे से लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?

Surya Grahan Upay: मंगलवार को इतने बजे से लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?

 Written By: Vineeta Mandal
 Published : Feb 16, 2026 05:54 pm IST,  Updated : Feb 16, 2026 05:55 pm IST

Solar Eclipse 2026: 17 फरवरी, मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना गया है। तो आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए।

सूर्य ग्रहण 2026- India TV Hindi
सूर्य ग्रहण 2026 Image Source : PEXELS

Surya Grahan 2026: 17 फरवरी को इस साल का पहला ग्रहण लगने वाला है।  यह ग्रहण कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा। इस सूर्य ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय समयानुसार मंगलवार दोपहर  3 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इस सूर्य ग्रहण का कुल पर्वकाल 4 घंटे 32 मिनट का होगा। ग्रहण के दिन ग्रहण के सूतक काल का भी बहुत ध्यान रखना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे या 9 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है, जिसमें सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण समय से 12 घंटे पूर्व आरंभ हो जाता है। सूतक काल को एक प्रकार से अशुभ समय माना जाता हैं, लिहाजा सूतक काल में भी कोई मांगलिक या शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस ग्रहण का सूतक काल मंगलवार भोर 4 बजकर 26 मिनट से शुरू होगा। तो आइए अब जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए।

सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय

- सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें। मंत्र इस प्रकार है-  ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम:'। इसके अलावा सूर्यदेव का एक अन्य विशेष मंत्र भी है- 'ऊँ घृणिः सूर्याय नमः'। इस प्रकार तेज आवाज में मंत्रों का उच्चारण करने से ग्रहण के दौरान फैली निगेटिविटी का व्यक्ति पर असर नहीं पड़ता है। 

- ग्रहण के बाद घर की साफ-सफाई करके पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव जरूर करें। इसके साथ ही  घर के मंदिर में रखे सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों और चित्रों पर भी गंगाजल का छिड़काव करके स्नान कराएं।

- साथ ही सूर्य ग्रहण के बाद स्नान आदि से निवृत होकर दान अवश्य करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।

- ग्रहण के दौरान चारों तरफ बहुत अधिक निगेटिविटी फैल जाती है इसलिए घर में सभी पानी के बर्तन में, दूध और दही में कुश या तुलसी की पत्ती या दूब धोकर डालनी चाहिए और ग्रहण समाप्त होने के बाद दूब को निकालकर फेंक देना चाहिए। 

इसके अलावा ग्रहण शुरू होने से पहले थोड़ा-सा अनाज और कोई पुराना पहना हुआ कपड़ा निकालकर अलग रख दें और जब ग्रहण समाप्त हो जाए तब उस कपड़े और अनाज को आदर सहित, रिक्वेस्ट के साथ किसी सफाई-कर्मचारी को दान कर दें। इससे आपको शुभ फल प्राप्त होंगे। 

सूर्य ग्रहण के समय क्या करें और क्या नहीं?

  • सूर्य ग्रहण से पहले सभी पानी के बर्तन में, दूध और दही में कुश या तुलसी या दूब धोकर डाल दें। इसे ग्रहण के बाद ही निकालें।
  • सूर्य ग्रहण को कभी भी सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए 
  • ग्रहण के समय रसोई से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए। 
  • सूर्य के दौरान खाना नहीं बनाना चाहिए और न ही भोजन ग्रहण करना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। 
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय सुई में धागा डालना, कुछ काटना, छीलना, कुछ छौंकना या बघारना नहीं चाहिए।
  • इसके अलावा ग्रहण के समय मंदिर के मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए।
  • सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य देव का ध्यान करते हुए तेज आवाज में मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए। मंत्र है-ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं स: सूर्याय नम: और ऊँ घृणिः सूर्याय नमः। 
  • इस प्रकार तेज आवाज में मंत्रों का उच्चारण करने से ग्रहण के दौरान फैली निगेटिविटी का व्यक्ति पर असर नहीं पड़ता है। 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

यह भी पढ़ें:

Solar Eclipse 2026: एक दिन बाद लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, जानें कहां-कहां आएगा नजर और क्या रहेगी ग्रहण की टाइमिंग?

Holashtak 2026: होलाष्टक में बुरी शक्तियां रहती हैं सक्रिय, इन आठ दिनों में बिल्कुल भी न करें ये गलतियां, वरना पड़ेगा पछताना

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।